इस ठंड आप भी जरूरतमंदों को अपने पुराने कपड़े दीजिए, ताकि वे खुद को बचा पाएं

भास्कर न्यूज | जालंधर सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है। इस दौरान शहर की समाजसेवी संस्थाएं और संगठन आर्थिक पक्ष से कमजोर लोगों की चिंता कर रहीं हैं। कोई इन गरीबों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े बांट रहा है तो कोई घर-घर से पुराने गर्म कपड़े और कंबल इकट्ठे कर इन्हें दे रहा है, ताकि कड़कड़ाती ठंड से यह लोग खुद को बचा सकें। वहीं, लोगों की सोच में भी बदलाव आया है। वे अब अपने पुराने कपड़े फेंकते नहीं, बल्कि उन्हें जरूरतमंदों को दे देते हैं। पिछले लंबे समय से यह संस्थाएं गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए मेडिकल सुविधा, राशन मुहैया करवाने से लेकर उनको कपड़े दे रहीं हैं और सड़कों पर रहने वाले कमजोर, गरीब वर्ग के लोगों को मदद पहुंचा रहीं हैं। आज ऐसी ही दो संस्थाओं की कहानी जानिए… पहली संस्था है- ‘दिव्य दृष्टि व युनाइटेड क्वीन क्लब’। संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में निस्वार्थ रूप से लोगों की मदद करना है। इसकी मुख्य सदस्य प्रवीण अबरोल बताती हैं कि हमारी संस्था आर्थिक पक्ष से कमजोर परिवारों का इलाज करवाने के साथ-साथ गरीब लड़कियों की शादी में भी पूरा सहयोग करती है। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा सड़कों पर रह रहे लगभग 100 जरूरतमंद लोगों को कंबल बांटे जा चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आने वाली 24 दिसंबर को शहीदी दिहाड़े को समर्पित जरूरतमंद बच्चों को स्वेटर, गर्म जुराबें व टोपियां बांटी जाएंगी। जरूरतमंद लोगों को ठंड में गरम कपड़े बांटतीं प्रवीण अबरोल। बच्चों को ठंड से बचाव के लिए सामान देते सदस्य। दूसरी संस्था है- ‘शहीद अजीत सिंह नौजवान सोसायटी’। इसके अध्यक्ष दीपक महेंद्रू कहते हैं कि संस्था द्वारा बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को प्राथमिकता दी जा रही है। कई जगहों पर छोटे बच्चे बिना गर्म कपड़ों के बाहर घूमते हैं। उन्हें संस्था ने मोजे, दस्ताने और ऊनी टोपियां उपलब्ध कराईं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों एनआरआई भाइयों के सहयोग से 300 जरूरतमंद बच्चों को स्वेटर और जूते वितरित किए गए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ठंड चल रही है। यदि आपके पास भी ऐसे अतिरिक्त गर्म कपड़े हैं जो आपके उपयोग में नहीं हैं, तो उन्हें किसी पास की संस्था या जरूरतमंद तक जरूर पहुंचाएं।

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