श्रमिकों और उनके आश्रितों की शादी के लिए आर्थिक सहायता योजना में 30.18 करोड़ के गबन मामले में ईडी ने सिरोंज जनपद पंचायत के पूर्व सीईओ शोभित त्रिपाठी और सहयोगियों के 7 ठिकानों पर सर्चिंग की। भोपाल, विदिशा, कटनी और छतरपुर में की गई कार्रवाई में ईडी ने 21.70 लाख रुपए के बैंक और म्यूचुअल फंड खाते फ्रीज किए। ईओडब्ल्यू ने 7 जनवरी 2022 को केस दर्ज कर त्रिपाठी, कम्प्यूटर ऑपरेटर हेमंत साहू और योगेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया था। मामला सिरोंज में फर्जी श्रमिकों के नाम पर शादी सहायता के पैसे हड़पने से जुड़ा है। विधायक उमाकांत शर्मा ने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया था। आरोपी शोभित भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री का करीबी रिश्तेदार बताया गया है। तलाशी में बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और आपत्तिजनक कागजात जब्त किए गए। 17 गुना अधिक केस स्वीकृत किए… जांच में सामने आया कि शोभित ने विवाह सहायता योजना में विदिशा जिले की अन्य जनपद पंचायतों की तुलना में 17 गुना अधिक केस स्वीकृत किए। उसने निजी तौर पर तैनात हेमंत व योगेंद्र को फर्जी लाभार्थियों के दस्तावेज बनाकर पोर्टल पर अपलोड करने की जिम्मेदारी दी। ये दोनों सरकारी कर्मचारी नहीं थे। शेयर व रिश्तेदारों के खाते में निवेश की राशि
ईडी जांच में सामने आया कि शोभित त्रिपाठी ने 30.18 करोड़ की गबन राशि रिश्तेदारों के खातों, बिजनेस, शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड में लगाई। घोटाला 2019 से 2021 के बीच हुआ, जब त्रिपाठी ने हेमंत व योगेंद्र के साथ मिलकर विवाह सहायता योजना में फर्जीवाड़ा किया। 51 हजार रुपए प्रति लाभार्थी के हिसाब से 5923 फर्जी शादियों के नाम पर राशि फर्जी खातों में डाली गई और एटीएम से निकाली गई। रकम अचल संपत्तियों की खरीद में भी खर्च हुई।


