झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को ईडी को मैनेज करने के नाम पर 6 करोड़ रुपए के लेन-देन मामले में दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ ईडी की याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के जस्टिस एके चौधरी की अदालत में सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से मौखिक कहा गया कि इस मामले में पुलिस एक व्यक्ति को अवैध हिरासत में लेकर ईडी अधिकारियों को फंसाने के लिए बयान ले रही है। ईडी के अधिकारियों को ट्रैप करने की साजिश की जा रही है। इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि ईडी का आरोप सही नहीं है। सरकार ने मामले में जवाब दाखिल करने की बात कही। इस पर अदालत ने मामले में अगली सुनवाई 24 अप्रैल को निर्धारित की है। इस दौरान अदालत ने मामले में पुलिस जांच पर रोक बरकरार रखी। मालूम हो कि ईडी अधिकारियों के नाम पर वसूली के लिए रांची के सुखदेवनगर थाना में सुजीत कुमार एवं अन्य के नाम दर्ज प्राथमिकी की सीबीआई जांच कराने के लिए ईडी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। जिसमें कहा गया है कि इस मामले में पुलिस सही तरीके से जांच नहीं कर रही है। पूर्व में अदालत से कहा गया था कि इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र का अतिक्रमण कर रहे हैं। सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर और फर्जी साक्ष्य तैयार कर ईडी अधिकारियों को फंसाने की साजिश रच रहे हैं। अदालत ने सभी प्रतिवादियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था।


