रांची ईद, सरहुल और रामनवमी पर्व को लेकर विशेष शाखा ने रांची पुलिस को अलर्ट किया है। विशेष शाखा के एसपी ने रांची पुलिस को जानकारी दी है कि 31 मार्च को ईद है, एक अप्रैल को सरहुल का पर्व है और 6 अप्रैल को रामनवमी मनाई जाएगी। इस दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा शराब व मादक पदार्थों का सेवन कर पर्व के पवित्र वातावरण को दूषित करने का प्रयास किया जा सकता है। राज्य की सांप्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए त्योहार के दौरान विशेष सतर्कता और निगरानी रखने की आवश्यकता है। पुलिस व प्रशासन के बीच समन्वय रखते हुए विधि व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है। पर्व के दौरान रांची में 1000 अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सीसीटीवी से प्रमुख मार्गों पर निगरानी रखी जाएगी। वहीं शोभा यात्रा के दौरान सादे लिबास में महिला व पुरुष पुलिस जवानों को तैनात किया जाएगा, ताकि कोई असामाजिक तत्व गड़बड़ी न करे। पूर्व में रांची में कई जगहों पर सरहुल के दौरान विवाद हो चुका है। इन स्थानों पर पुलिस को विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। सदर थाना क्षेत्र में 2022 में छह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वहीं बुढ़मू थाना क्षेत्र में भी 2022 में सरहुल जुलूस को एक समुदाय के द्वारा रोक दिया गया था। जुलूस के लौटने के दौरान एक ट्रैक्टर पलट गया था, जिसमें 15 लोग घायल हो गए थे। इनमें सात की स्थिति गंभीर हो गई थी। इलाज के दौरान 3 की मौत हो गई थी। इस मामले में भी बुढ़मू थाना में केस दर्ज कराया गया था। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में भी हुंडरू में सरना स्थल को लेकर विवाद हो चुका है। क्षेत्राधिकार को लेकर अगस्त 2023 में अंचल कार्यालय अरगोड़ा का घेराव भी किया जा चुका है। नामकुम के सदाबहार चौक के पास सरना झंडा को जलाने के विरुद्ध अप्रैल 2024 में नामकुम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले को लेकर सरना धर्म के लोग काफी आक्रोशित हो गए थे। इसलिए सरहुल में इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। विवादित स्थलों पर विशेष दल व दंडाधिकारी की होगी प्रतिनियुक्ति, शराब व मादक पदार्थों का सेवन कर विधि व्यवस्था को प्रभावित करने वालों की होगी निगरानी, अवैध शराब के अड्डों पर पुलिस करेगी छापेमारी, जुलूस के दौरान ऐसे मार्ग, जहां से गुजरने पर सांप्रदायिक विवाद होने की आशंका रहती है, वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाएंगे, जुलूस की वापसी तक पुलिस बल तैनात रहेंगे, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सोशल मीडिया पर रहेगी नजर।


