जयपुर में साइबर अपराध के खिलाफ आज बड़ी कार्रवाई की घई। पुलिस की पांच टीमों ने करधनी और झोटवाड़ा में चल रहे गिरोह के ठिकानों पर दबिश दी। एक कॉल सेंटर और सट्टा ऐप के जरिए ठगी करने वाले बदमाशों को गिरफ्तार किया। मामले में दो एफआईआर दर्ज कर 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक नाबालिग को भी पकड़े गया है। जांच के दौरान पुलिस को बदमाशों के 80 बैंक खाते मिले हैं। सभी खातों को सीज कर दिया गया है। इन खातों में करोड़ों के लेनदेन की जानकारी मिली है। डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने बताया- अभियान साइबर शील्ड के तहत एनसीआरबी, डिजिटल स्त्रोत से मिली जानकारी के बाद जिले की टीमों को एक्टिव कर उस पर काम करने के आदेश दिए गए। इस पर टीमों ने अपने स्तर पर काम करना शुरू किया। झोटवाड़ा और करधनी से 15 बदमाशों गिरफ्तार किया गया। यहां एक नाबालिग भी मिला। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, राउटर, स्वीच, नोटबुक, सिम कार्ड, चार्जर को जब्त किया गया। अब तक की जांच में करोड़ों रुपए के फ्रॉड के सबूत मिले हैं। पुलिस थाना झोटवाड़ा की कार्रवाई अमित कुमार ने बताया- झोटवाड़ा क्षेत्र में एईपीएस सर्विस देने के नाम पर ईमित्र संचालकों को फंसाया जा रहा था। ईमित्र संचालकों से बात करने के लिए महिलाओं को रखा गया था। यहां आरोपी पेसफर नाम से अपना ऑफिस बनाकर कॉल सेन्टर चला रहे थे। ऑफिस में मिले रामानंद गिठाला ने बताया- राजेश कुमार जांगिड़ और अशोक कुमार वर्मा के साथ मिलकर मेरी फर्म एबिग्शोप इंडिया (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पेसफर का ट्रेडमार्क है। अलग अलग ईमित्र वालों को हमारी वेबसाइट के जरिए रिचार्ज, अकाउंट ऑपनिग फार्म, बैलेंस इनक्वायरी, मिनी स्टेटमेंट, मनी ट्रांसफर, आधार अपडेट सम्बन्धी काम करने के लिए कॉल सेंटर के जरिए फंसाते हैं। हमारी वेबसाइट पर काम करने के बदले अधिक मुनाफा का लालच देते हैं। हमारी सेवा फ्री होने का कहकर जाल मे फंसाते हैं। आरोपी ने बताया- ईमित्र वालों को कॉल करने के लिए महिलाओं को रखा जाता है। ये महिलाएं अलग अलग ईमित्र वालों को फोन करती हैं। इनको फ्री सर्विस के नाम पर कॉल करवाते हैं। उसके बाद ग्राहकों (ईमित्र संचालक) की आधार कार्ड व पेनकार्ड से आईडी बनाते हैं। ग्राहक सर्विस चालू करता है तो उसके खाते से शुरू में 1000 रुपए काट लेते हैं। उसके बाद 2000 रुपए सर्विस के लिए काट लेते है। इसकी हम ग्राहक को पहले जानकारी नहीं देते हैं। ग्राहक द्वारा अपनी राशि रिफंड करने की कहने पर नम्बर उठाना बंद कर देते हैं। इस प्रकार तीनों आरोपी फर्जी तरीके से ग्राहकों से आने वाले रुपए को फर्जी अकाउंट में मंगवा कर ठगी करते थे। यहां से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन्हें किया गिरफ्तार पुलिस थाना करधनी की कार्यवाही डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने बताया- करधनी क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ कार्रवाई की गई। यहां पर लोगों को ऑनलाइन सट्टा लगवाया जा रहा था। यहां ऑनलाइन गैम, कसीनो, तीन पत्ती और अन्य गेमों पर सट्टा खिलवाया जा रहा था। इसके लिए महादेव बुक, रेडी 118 और क्रिकबेट 99 साइट का इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके से पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया। चल रहे आन लाईन गैगिंग के सटटे की कार्यवाही में यह सामने आया कि लोग लेपटॉप व मोबाईल महादेव बुक जुआ सट्टे को रेड्डी118 नाम से आईडी से लोगो को ऑन लाईन गैमिग, कसीनो, तीन पत्ती, व अन्य सभी गेमों अलग अलग साईट जिनमें क्रिकबेट99 जैसी कई ऑनलाइन साई टो पर ग्राहकों को ऑनलाइन खिलवाते है। जिस पर टीम ने मौके से 12 लोगों को गिरफ्तार किया जिस में एक नाबालिग भी हैं। इन्हें किया गया गिरफ्तार ये भी पढ़ें जयपुर में ऑनलाइन ठगों पर बड़ा एक्शन,हाथ ऊपर कर बैठाया:ज्योतिष बनकर पूजा-पाठ के नाम पर ठगने वालों समेत 30 लोगों को किया गिरफ्तार राजस्थान पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ पूरे प्रदेश में अभियान चलाया है। इसके तहत जयपुर वेस्ट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 से ज्यादा बदमाशों को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ अलग-अलग जगह से गिरफ्तार किया है। इनमें तीन लोग ऐसे भी गिरफ्तार किए गए जो ज्योतिष बनकर ऑनलाइन लोगों को ठग रहे थे। पूजा-पाठ करने के नाम पर रुपए ले रहे थे। वहीं, एक जगह ठगों को पुलिस ने हाथ ऊपर कर बैठा लिया। देर रात जयपुर कमिश्नरेट की सीएसटी, डीएसटी वैस्ट पुलिस यह ऑपरेशन किया। (पूरी खबर पढ़ें)


