ईरान संकट के बीच विधानसभा स्पीकर का पीएम को पत्र:2000 करोड़ से ज्यादा का माल फंसा, बासमती के प्राइज गिरने लगे

ईरान में बने हालातों के बीच पंजाब की चावल सप्लायर भी परेशानी में आ गए हैं। बासमती के रेट नीचे गिर रहे है। इसी मामले को लेकर अब पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने पीएम नरेंद्र मोदी को इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि ईरान के साथ व्यापार रुकने से 2,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का माल फंसा हुआ है और भुगतान भी अटका हुआ है। इस वजह से पंजाब भी प्रभावित हो रहा है। क्योंकि पंजाब बासमती सप्लायर में एक है। बड़ी बडे़ बासमती ब्रांड पंजाब से संबंधित है। दो हजार करोड़ रुपए का माल फंसा हुआ है ईरान में बने संकट के बीच बासमती चावल के निर्यातक भारी संकट में हैं। ईरान के साथ व्यापार रुकने से 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का माल फंसा हुआ है और भुगतान भी अटका हुआ है। इस वजह से मंडियों में बासमती के दाम तेजी से गिर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी से अनुरोध है कि किसानों, राइस मिल मालिकों और निर्यातकों को बचाने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करें। यह देरी पंजाब की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। पंजाब और हरियाणा बड़े निर्यातकों में पंजाब भारत का प्रमुख बासमती चावल उत्पादक राज्य है, और ईरान भारत से बासमती चावल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है। हाल के वर्षों में, भारत से ईरान को सालाना औसतन 10-12 लाख टन बासमती चावल का निर्यात होता है, जिसकी कीमत लगभग ₹10,000-12,000 करोड़ होती है। पंजाब और हरियाणा से इस निर्यात का लगभग 40% हिस्सा आता है, जिसमें पंजाब की हिस्सेदारी प्रमुख है (कुल भारतीय बासमती निर्यात में पंजाब का योगदान करीब 40% है)। इस आधार पर, पंजाब से इरान को सालाना अनुमानित 3-5 लाख टन चावल निर्यात होता है। 2024 में भारत से ईरान को चावल निर्यात का मूल्य $698 मिलियन (करीब ₹5,800 करोड़) था। 2025-26 (अप्रैल-नवंबर तक) म भारत से इरान को 5.99 लाख टन चावल निर्यात हुआ। पूरे वर्ष के लिए यह 8-10 लाख टन तक पहुंच सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति से प्रभावित है।

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