हाईकोर्ट ने ई-सिगरेट की ऑनलाइन बिक्री रोकने के उपायों पर असंतोष जाहिर करते हुए पुलिस मुख्यालय से इस बारे में दो सप्ताह में जवाब मांगा हैं। कोर्ट ने पुलिस मुख्यालय से पूछा है कि ई-सिगरेट बिक्री से संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है? अदालत ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से पेश शपथ पत्र को महज खानापूर्ति बताते हुए कहा कि जयपुर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की हैं। सरकार मैकेनिज़्म विकसित करे
मुख्य न्यायाधीश एम एम श्रीवास्तव व न्यायाधीश उमाशंकर व्यास की खंडपीठ ने प्रियांशा गुप्ता की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि सरकार ई-सिगरेट की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री रोकने के लिए मैकेनिज्म विकसित करे। केन्द्र सरकार के जवाब के अनुसार कानून लागू होने के बाद कार्रवाई की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी। इसको लेकर राज्य सरकार ने समय-समय पर निर्देश जारी किए। कोर्ट ने ई-सिगरेट की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री रोकने के संबंध में जयपुर पुलिस मुख्यालय ने 2022 में पेश शपथ पत्र को लेकर कहा कि इसमें कागजी कार्रवाई के अलावा कुछ भी खुलासा नहीं किया। अब मामले की सुनवाई एक फरवरी को होगी।


