भास्कर न्यूज|गुमला राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उग्रवादी हिंसा से प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें संबल प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को गुमला की उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने अपने कार्यालय कक्ष में उग्रवादी हिंसा में मृत दो व्यक्तियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इन आश्रितों को मिली चतुर्थ वर्ग में नियुक्ति। नियुक्ति पत्र पाने वालों में पालकोट और बिशुनपुर प्रखंड के दो युवा शामिल हैं, जिनके परिवारों ने उग्रवादी हिंसा का दंश झेला था। जानकारी के अनुसार जयधन सिंह पालकोट प्रखंड के ग्राम कुरूम निवासी दिवंगत जतरू सिंह के पुत्र हैं। वहीं नेवलाल नगेसिया बिशुनपुर प्रखंड के ग्राम जुड़वानी निवासी दिवंगत बुद्धेश्वर नगेसिया के पुत्र हैं। इन दोनों अभ्यर्थियों को गुमला समाहरणालय के अंतर्गत चतुर्थ वर्ग (अनुसेवक) के रिक्त पदों पर पदस्थापित किया गया है। राज्य सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखंड के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई है। जिला अनुकंपा समिति की बैठक (दिनांक 19.12.2025) में लिए गए निर्णय के आलोक में, इन दोनों आश्रितों को उनकी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में नियमानुसार छूट प्रदान की गई है। इससे यह सुनिश्चित हो सका कि परिवार का भरण-पोषण करने के लिए आश्रितों को अविलंब रोजगार मिल सके।


