उज्जैन के पास पीरझलार में रविवार युवक और युवती एक साथ चामला नदी में कूद गए। पुलिस ने नाव और स्थानीय गोताखोरों की मदद से सर्चिंग अभियान चलाया। करीब 7 घंटे बाद दोनों के शव निकाले गए। घटना उज्जैन शहर से लगभग 70 किमी दूर बड़नगर के ग्राम पीरझलार के केसूर रोड की है। शाम करीब 7 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम बरगोदा नातू निवासी वारिस पिता इस्लामुद्दीन एक युवती के साथ नदी में कूद गया है। सूचना के बाद बड़नगर पुलिस ने स्थानीय तैराकों के साथ रेस्क्यू शुरू किया, लेकिन रात तक युवती की पहचान नहीं हो पाई थी। आधी रात को मिले शव
रात करीब 12 बजे स्थानीय निवासी कपिल मोरवाल की टीम ने कड़ी कोशिशों के बाद सबसे पहले युवती का शव निकाला। कुछ देर बाद ही युवक का शव भी मिल गया। जांच में पता चला कि युवती आदिवासी समाज की थांदला निवासी काली थी और आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने प्रेम प्रसंग में सुसाइड किया है। देखिए, 5 तस्वीरें… काली को मां और मामा दोनों ने छोड़ दिया था
बड़नगर टीआई अशोक पाटीदार के अनुसार युवती की पहचान काली के रूप में हुई। उसके पिता का निधन हो चुका था और मां ने दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद काली अपने मामा के पास रहती थी, लेकिन मामा ने भी उसे दूसरे के भरोसे छोड़ दिया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आत्महत्या के कारणों की पुष्टी हो सकेगी। छलांग से पहले चाचा को किया था फोन
नदी में कूदने से पहले वारिस ने अपने चाचा को फोन कर कहा था कि वह मोबाइल और बाइक पुल पर छोड़ रहा है, जिन्हें आकर ले जाएं। परिजन मौके पर पहुंचे तो बाइक के पास एक लेडीज चप्पल भी मिली। स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक के साथ एक युवती ने भी नदी में छलांग लगाई थी। ये खबर भी पढ़ें…
68 घंटे बाद शिप्रा में मिला लेडी कॉन्स्टेबल का शव, उज्जैन में पुल से नीचे गिरी थी कार उज्जैन में नदी में बही कॉन्स्टेबल आरती पाल की कार शिप्रा में मिल गई है। आरती पाल का शव इसके पिछले हिस्से में मिला है। उन्हेल थाने के टीआई अशोक शर्मा और एसआई मदनलाल निमामा, आरती की कार से अपहरण केस में जांच के लिए उज्जैन के चिंतामन जा रहे थे। इस दौरान उनकी तेज रफ्तार कार ब्रिज पर सीधे शिप्रा नदी में गिर गई थी। पढ़ें पूरी खबर…


