उज्जैन में शुक्रवार से यूनाइटेड कॉन्शियसनेस संस्था द्वारा विश्व शांति पर केंद्रित तीन दिवसीय “ग्लोबल यूनाइटेड कॉन्शियसनेस कॉन्क्लेव 2025” का भव्य आयोजन होगा। 14, 15, 16 फरवरी को इस सम्मेलन में 22 देशों के ख्याति प्राप्त आध्यात्मिक गुरुओं, योगाचार्यों और वैश्विक विचारकों की उपस्थिति में विश्व शांति, योग, ध्यान और आध्यात्मिकता पर गहन विचार-विमर्श होगा। कालिदास अकादमी में शुरू होने वाले कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, योगाचार्य डॉ. एचआर नागेंद्र, डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, इटली से यूरोपियन योगा फेडरेशन के अध्यक्ष स्वामी सूर्यनंद सरस्वती, कनाडा के चिन्मय मिशन के आचार्य विवेक जी, प्रोजेक्ट सेल्फ यूएसए के निदेशक राजेश रविंद्रनाथ तथा कई प्रतिष्ठित हस्तियां इस महोत्सव में शामिल होंगी। 14 फरवरी को प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही योग अभ्यास, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और विश्व शांति पर आधारित डॉ. विक्रांत शाह द्वारा चित्रकला प्रदर्शनी, भारतीय जनजातीय लोक कला संग्रहालय (IGRMS) द्वारा एक विशेष कला प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। अलग-अलग देशों की मिटटी और जल उज्जैन लाएंगे यूनाइटेड कॉन्शियसनेस के वैश्विक संयोजक विक्रांत तोमर ने बताया कि दुनिया भर उज्जैन आने वाले विद्वान योग गुरु अपने-अपने देशों की नदियों का जल भरकर लाएंगे। 14 तारीख को सभी जल को एकत्रित कर भगवान महाकाल को अर्पित किया जाएगा। जिससे ये सन्देश देंगे की एक ही जल है दुनिया भर में, साथ ही हर देश से 100 ग्राम मिटटी मंगाई है इससे धरती का मॉडल बनाएंगे जिसे बाद इसी मॉडल को पीएम मोदी को भेट किया जाएगा इससे धरती एक होने का सन्देश देंगे। दुनिया भर से आने वाले लोग 10 सेंटीमीटर की लकड़ी का टुकड़ा पाने साथ लायेंगे। इससे कालिदास अकादमी में यज्ञ होगा।


