उत्तराखंड के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट:3 दिन तक बरसेंगे बादल, ओलावृष्टि की संभावना; देश में दिवाली से पहले बढ़ेगी ठंड

उत्तराखंड में अगले तीन दिनों में भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अलर्ट प्रदेश के 10 जिलों में है, जिनमें देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चंपावत, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल शामिल है। फिलहाल मानसून विदा हो चुका है, लेकिन बारिश का सिलसिला कुछ जिलों में जारी है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। आज देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। देहरादून में रविवार सुबह से ही बादल मंडराने लगे और दोपहर में ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। वहीं तापमान 18 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जो पहाड़ी हवाओं के साथ ठंडक का एहसास देगा। दिवाली से पहले आएगी ठंड वहीं सोमवार को 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 7 अक्टूबर को भी पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत और नैनीताल जिलों में बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट रहेगा। इसके अलावा टिहरी और पौड़ी जैसे जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी आशंका है। पहाड़ों में बारिश के कारण देशभर के तापमान में तेज से गिरावट की संभावना, जिससे दिवाली से पहले ठंड होने के आसार लग रहे है। बीते कई दिनों से लगातार चढ़ रहे पारे और तपिश से फौरी राहत मिलेगी। मानसून की विदाई की तैयारी उत्तराखंड में मानसून अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले हफ्ते में शुरू हो चुकी है, लेकिन इस बार यह थोड़ी देर तक रुक सकता है। 6 और 7 अक्टूबर की भारी बारिश मानसून की आखिरी झलक हो सकती है। इसके बाद मौसम साफ होने और ठंड बढ़ने की उम्मीद है। ऊंचे इलाकों में बर्फबारी सर्दियों के आगमन का संकेत दे रही है। लोगों से घरों में रहने की अपील मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। खासकर पर्वतीय सड़कों और नदी-नालों के किनारे सफर करने से बचने की चेतावनी दी गई है। जानकारी के अनुसार, इस साल उत्तराखंड में 1 जून से 4 अक्टूबर तक 1400 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 22% ज्यादा है। प्री-मानसून में 158.2 मिमी और मानसून सीजन में 1162.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी और चमोली जैसे जिलों में भारी तबाही हुई है, जिससे जन और धन दोनों का नुकसान हुआ।

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