पश्चिमी गर्म हवाओं के असर से उत्तर छत्तीसगढ़ में भी अधिकतम तापमान में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। रविवार को अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के उपर चला गया। सरगुजा में इस सीजन का यह अधिकतम तापमान है। अंबिकापुर सहित पूरे संभाग में तेजी से तापमान बढ़ने से लोग गर्मी से बेहाल रहे। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी होगी। न्यूनतम तापमान भी 24 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया है। अप्रैल माह के पहले पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभ एवं चक्रवात परिसंचरण के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहा। इस दौरान तेज हवाओं एवं बारिश के कारण अधिकतम तापमान 38 डिग्री से अधिक नहीं पहुंचा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पश्चिमी गर्म हवाओं के तेजी से प्रवेश करने के कारण तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल माह के पहले पखवाड़े में ही सरगुजा में अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक पहुंच जाता है। इस वर्ष गर्मी का असर कुछ देर से दिखा है। तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी का पूर्वानुमान
अंबिकापुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री दर्ज किया गया था, जो रविवार को बढ़कर 40.6 डिग्री पहुुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह से समाप्त होने के बाद पश्चिमी गर्म हवाएं तेजी से प्रवेश कर रही हैं। इसके कारण अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी संभावित है। दो दिनों में अधिकतम तापमान में 1 डिग्री की बढ़ोत्तरी हो सकती है। जन-जीवन पर पड़ने लगा असर
सरगुजा में गर्मी का प्रभाव सामान्य जन-जीवन पर दिखने लगा है। दोपहर होने के बाद लोग बाहर निकलने से बच रहे हैं। दोपहर में सड़कों पर भीड़ कम हो रही है। एक ही दिन में अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोत्तरी से लोग गर्मी से बेहाल रहे। गेंहू के लिए फायदेमंद
सरगुजा संभाग में अप्रैल के पहले पखवाड़े में हुई बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण गेंहूं की कटाई एवं मिसाई प्रभावित हो रही थी। तापमान बढ़ने के बाद यह मौसम गेंहूं के लिए फायदेमंद है। गेंहूं में आई नमी सूख गई है। इसके बाद कटाई एवं मिसाई के काम में तेजी आने आ गई है। इस तरह बढ़ अधिकतम तापमान


