पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद उत्तरी सर्द हवाओं के कारण सरगुजा संभाग में ठिठुराने वाली ठंड पड़ रही है। सरगुजा के पाट इलाकों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री के आसपास बना हुआ है। अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान भी गिरकर 8 डिग्री के करीब पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी पांच दिनों तक ठंड का असर दिख सकता है। सरगुजा संभाग में पिछले पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण न्यूनतम तापमान बढ़कर 11 डिग्री तक पहुंच गया था। मंगलवार को संभाग के सोनहत सहित अन्य इलाकों में बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिसके बाद तापमान में गिरावट आई है। पश्चिमी विक्षोभ का असर भी कम हो जाने से एक बार फिर उत्तरी सर्द हवाएं ठिठुरा रही हैं। शीतलहरों के कारण सरगुजा के पाट से लेकर मैदानी इलाकों में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। शुक्रवार को पाट इलाकों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री के आसपास रहा। वहीं, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री दर्ज किया गया है। एक सप्ताह तक रह सकता है असर
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण सरगुजा संभाग में छिटपुट बारिश हुई है। अन्य इलाकों में भी बारिश के साथ ओले भी पड़े हैं। उत्तरी सर्द हवाएं भी तेजी से प्रवेश कर रही हैं, इस कारण अगले पांच दिनों तक संभाग मुख्यालय का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे बने रहने का पूर्वानुमान है। हालांकि अधिकतम तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आएगी। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि आने वाले दिनों में नया सिस्टम सक्रिय होगा तो फिर से न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी संभावित है। 10 फरवरी के बाद न्यूनतम तापमान में कुछ बढ़ोत्तरी का पूर्वानुमान है। मौसम में बदलाव का असर स्वास्थ्य पर
सरगुजा संभाग में दिन और रात के तापमान में करीब 20 डिग्री का फर्क होने का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। रातें अत्यधिक सर्द हो रही हैं। इसके कारण लोग सर्दी एवं मौसमी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को मौसम के बदलाव को देखते हुए ठंड से बचने की सलाह दी है।


