उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय जयपुर में गुरुवार को पूरे जोन के ट्रेवलिंग ऑडिट इंस्पेक्टर्स की मीटिंग रखी गई। इसमें राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों के रूट्स पर काम कर रहे सभी इंस्पेक्टर्स शामिल हुए। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से लेकर उदयपुर, आबू रोड, जैसलमेर और बाड़मेर तक के इंस्पेक्टर्स एक मंच पर मिले और अपने अनुभव साझा किए। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि मीटिंग प्रमुख वित्त सलाहकार गीतिका पांडे की अध्यक्षता में हुई। पांडे ने इंस्पेक्टर्स को साफ निर्देश दिए कि वे ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपना काम करें और स्टेशन अकाउंट्स की इंटरनल चेकिंग को मजबूत बनाएं। उन्होंने बताया कि रेलवे की यातायात आय बढ़ाने में ट्रेवलिंग ऑडिट इंस्पेक्टर्स की अहम भूमिका होती है और सभी का यह दायित्व है कि किसी भी स्थिति में रेलवे राजस्व को नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि स्टेशन पर धोखाधड़ी, गबन और अन्य वित्तीय गलतियों को रोकने की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर है। मीटिंग में ट्रेवलिंग ऑडिट इंस्पेक्टर्स के साथ यातायात लेखा कार्यालय के अधिकारी भी मौजूद रहे। वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी (यातायात) रुपेश सिंघवी सभी सेशंस में उपस्थित रहे और इंस्पेक्टर्स को गाइड किया। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (यात्री यातायात) धीरूमल ने भी इंस्पेक्टर्स को दिशा-निर्देश दिए। सेशन में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए रेलवे में हुए नए बदलाव और नवाचारों की जानकारी दी गई। सिंघवी ने अपने संबोधन में कहा कि लेखा विभाग और वाणिज्य विभाग मिलकर बेहतर तालमेल के साथ काम करें, ताकि रेलवे की आय बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत किया जा सके।


