उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री याेगेंद्र प्रसाद ने बार संचालकाें काे चेतावनी दी है कि वे कड़ाई के साथ बार के लिए बनाए गए एसअओपी का पालन करें। उन्हाेंने कहा कि वे कभी भी बार का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। जाे बार संचालक एसओपी का पालन करने में अनियमितता करते पाए जाएंगे, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बार का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। मंत्री याेगेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार काे उत्पाद विभाग के अफसराें के साथ समीक्षा बैठक में उक्त बातें कही। राज्य के विभिन्न प्लेसमेंट एजेंसियाें पर कुल 64 लाख रुपए का बकाया है। प्लेसमेंट एजेंसियाें द्वारा जमा कराई जाने वाली यह अंतर राशि है। यह आंकड़ा अक्टूबर 2024 तक का है। 16 दिसंबर काे ही मंत्री ने एक सप्ताह में बकाया राशि जमा करने की कड़ी चेतावनी प्लेसमेंट एजेंसियाें काे दी थी। शुक्रवार काे मंत्री ने इस मुद्दे पर भी समीक्षा की। पता चला कि कुछ प्लेसमेंट एजेंसियाें ने अंतर बकाया राशि जमा कर दी है। जबकि, कुछ एजेंसियाें ने मंत्री से एक सप्ताह का समय मांगा है। मंत्री ने बताया कि प्लेसमेंट एजेंसियाें के अनुराेध काे स्वीकार कर लिया गया है। इसके बाद भी अगर अंतर बकाया राशि जमा नहीं की गई ताे कड़े कदम उठाए जाएंगे। जिसमें बैंक गारंटी जब्त करने से लेकर काली सूची में डालने जैसे कार्रवाई भी हाे सकती है। प्लेसमेंट एजेंसियों पर अंतर राशि बकाया, 1 सप्ताह का दिया समय राजस्व लक्ष्य पूरा करने का निर्देश मंत्री याेगेंद्र प्रसाद ने समीक्षा बैठक के बाद विभागीय अफसराें के साथ राजस्व लक्ष्य पर भी बात की। उन्हाेंने कहा कि हर हाल में राजस्व लक्ष्य काे पूरा करना है। इसके लिए अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह से राेक लगाएं और लाेकप्रिय ब्रांडाें की उपलब्धता सुनिश्चित करें। कहा कि राजस्व लक्ष्य पूरा करने के लिए अब मात्र तीन माह का ही समय बचा है। इस बचे हुए समय का पूरा सदुपयाेग करें। राजस्व के निर्धारित लक्ष्य को ध्यान में रख कर कार्य करें। दूसरे राज्यों से बिना परमिट के शराब लाकर बार में पराेसते पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई इधर, बैठक के बाद भास्कर से बातचीत में मंत्री याेगेंद्र प्रसाद ने कहा कि एसओपी में मानक तय किए गए हैं। उन्हीं मानकाें का पालन बार में किया जाना है। बार संचालकाें के मामले में कई तरह की शिकायतें उन तक पहुंच रही हैं। बार संचालकाें द्वारा समय का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। यह एसओपी का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा बार की क्षमता से अधिक उपभाेक्ताओं काे भी एक साथ सेवा देना उचित नहीं है। इसका ख्याल भी रखना हाेगा। उन्हाेंने कहा कि यह भी शिकायत मिली है कि कई बार में राज्य के बाहर से बिना परमिट के ही सस्ती शराब लाकर पराेसी जा रही है। ऐसा पैसा बचाने के लिए किया जा रहा है। यह पूरी तरह से गलत है। ऐसा करते पकड़े जाने पर निश्चित रूप से संबंधित बार संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी हाल में बार में अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एजेंसियां वेतन नहीं देंगी तो उनकी बैंक गारंटी से देंगे उत्पाद मंत्री याेगेंद्र प्रसाद ने कहा कि खुदरा शराब दुकानाें में काम करने वाले कर्मचारियाें काे समय पर वेतन मिले, इसके लिए प्लेसमेंट एजेंसियाें काे निर्देश दिया गया है। अगर प्लेसमेंट एजेंसियाें वेतन नहीं देती हैं ताे उनकी बैंक गारंटी से पैसे निकाल कर कर्मचारियाें काे दिए जाएंगे।


