उदयनिधि बोले- तमिलनाडु पर हिंदी थोपने की इजाजत नहीं मिलेगी:केंद्र पर लगाया आरोप, कहा- लैंग्वेज पॉलिसी लागू नहीं इसलिए 2 हजार करोड़ रोके

तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन शनिवार को नागोर में एक कार्यक्रम में केन्द्र सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- तीन-भाषा नीति की आड़ में राज्य पर हिंदी थोपने की इजाजत कभी नहीं दी जाएगी। उदयनिधि स्टालिन ने डॉ जे जयललिता फिशरीज यूनिवर्सिटी में ईसाई मुरुसु’ नागोर इस्माइल मोहम्मद हनीफा की जन्म शताब्दी समारोह कार्यक्रम के दौरान ये बात कही। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि तमिलनाडु में नहीं की इसलिए शिक्षा निधि के 2,000 करोड़ रुपए रोके जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा- चाहे उन्हें 10,000 करोड़ रुपए मुफ्त में दिए जाएं। तमिलनाडु पर हिंदी थोपने की इजाजत नहीं मिलेगी। ट्राई लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर साउथ के राज्यों और केंद्र सरकार के बीच लंबे समय से विवाद बहुत पहले से बना हुआ है। 2019 में न्यू एजुकेशन पॉलिसी लागू होने के बाद विवाद और बढ़ गया। तमिल न बोल पाने पर माफी मांग चुके हैं शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु में एक कार्यक्रम में तमिल को दुनिया की सबसे पुरानी भाषा बताया था। उन्होंने कहा था कि सबसे पहले मैं दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल न बोल पाने के लिए माफी मांगना चाहता हूं। मैं महाशिवरात्रि के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मैं बहुत आभारी हूं कि मुझे सद्गुरु के निमंत्रण पर यहां आने का अवसर मिला। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था भाषा थोपने का सवाल नहीं ट्राई लैंग्वेज पॉलिसी पर किसने क्या कहा… CM एमके स्टालिन तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन ने कहा था कि जबरन हिंदी थोपने से 100 सालों में 25 नॉर्थ इंडियन भाषाएं खत्म हो गई। एक अखंड हिंदी पहचान की कोशिश प्राचीन भाषाओं को खत्म कर रही है। उत्तर प्रदेश और बिहार कभी भी हिंदी क्षेत्र नहीं थे। अब उनकी असली भाषाएं अतीत की निशानी बन गई है। पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा था कि महायुति सरकार का फैसला राज्य में ‘लैंग्वेज इमरजेंसी’ घोषित करने जैसा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी हिंदी के भाषा के रूप में विरोध नहीं करती, लेकिन महाराष्ट्र में इसे थोपने के खिलाफ है। MNS चीफ राज ठाकरे उधर, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने कहा था कि सरकार को पता होना चाहिए कि महाराष्ट्र क्या चाहता है। महाराष्ट्र को अपनी पूरी ताकत दिखानी चाहिए। मैं अन्य राजनीतिक दलों से भी बात करूंगा। यह महाराष्ट्र में मराठी के महत्व को कम करने की साजिश है। एनसीपी (शरद गुट) प्रमुख शरद पवार एनसीपी (शरद गुट) प्रमुख शरद पवार ने 26 जून को कहा था- महाराष्ट्र में कक्षा 1 से हिंदी अनिवार्य नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर कोई नई भाषा शुरू की जानी है, तो उसे कक्षा 5 के बाद ही शुरू किया जाना चाहिए। नई शिक्षा नीति आने के बाद ट्राई लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर साउथ के कुछ राज्यों में विवाद छिड़ा था। राज्य के कई बड़े नेताओं ने केंद्र पर आरोप लगाया था कि इस पॉलिसी को लाकर सरकार उनके ऊपर हिंदी थोपना चाहती है। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… सनातन विरोधी बयान पर उदयनिधि बोले- माफी नहीं मांगूंगा: मेरा उद्देश्य हिंदुओं की दमनकारी प्रथाओं को बताना था; सनातन को डेंगू-मलेरिया बताया था तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने सनातन को बीमारी बताने वाली टिप्पणी पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है। उन्होंने सोमवार को चेन्नई में एक इवेंट में कहा कि मैंने सनातन को लेकर वही बातें कहीं, जो पेरियार, अन्नादुराई और करुणानिधि भी कहते थे। उदयनिधि ने कहा कि मेरे बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। तमिलनाडु समेत देशभर में कई कोर्ट केस भी हुए। मुझे माफी मांगने के लिए भी कहा गया, लेकिन मैं कलैगनार (कला के विद्वान) का पोता हूं। मैं माफी पूरी खबर पढ़ें…

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