भारत-इंग्लैंड के बीच टी-20 सीरीज में 31 जनवरी के मैच पर सट्टा लगाने वाले एक अन्तरराज्यीय गिरोह को उदयपुर पुलिस ने पकड़ा है। इनको शहर के एक फ्लेट से गिरफ्तार किया और उनसे 5 लेपटॉप और 30 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आवाजाही बढ़ी तो शक हुआ उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने बताया कि सुखेर पुलिस और डीएसटी उदयपुर की टीम को उदयपुर में बाहर से आए संदिग्ध लोगों व अवैध कार्य करने वालों पर निगरानी रखना प्रारम्भ किया था। इस बीच 31 जनवरी को डीएसटी टीम प्रभारी श्याम सिंह को सूचना मिली कि सुखेर थाना क्षेत्र के नवरत्न कॉम्पलेक्स क्षेत्र में मध्यप्रदेश के रहने वाले लोगों की आवाजाही बढ़ी है। सूचना पर सुखेर थानाधिकारी रविन्द्र चारण और डीएसटी टीम प्रभारी श्याम सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने नवरत्न कॉम्पलेक्स स्थित एक कॉम्पलेक्स में दबिश दी। सट्टा लगा रहे थे आरोपी एसपी योगेश गोयल ने बताया कि पुलिस वहां पहुंची तो फ्लैट में सात व्यक्ति भारत और इंग्लैंड की क्रिकेट टीमों के विरूद्ध खेले जाने वाले क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाते मिले। सभी लोग मोबाइल पर कॉल करने वाले ग्राहकों को हार-जीत का भाव बताकर रुपए का दांव लगवा रहे थे तथा कम्प्यूटर में उक्त सट्टेबाजी का हिसाब रख रहे थे। एसपी गोयल ने बताया कि सभी टी-20 क्रिकेट के मैच पर ओवर व रन पर रुपयों का दांव लगा कर षड्यंत्रपूर्वक गेम खिला रहे थे जिससे एक को अनुचित हानि व अन्य को अनुचित लाभ कारित करना पाया गया जो कृत्य धारा 318 (4), 61 (2) बीएनएस, 66 डी आई टी एक्ट व 3/4 राजस्थान जुआ अधिनियम का अपराध होने से आरोपियों के के कब्जे से सट्टेबाजी में उपयोग में लिये जा रहे 5 लैपटॉप तथा 30 मोबाईल फोन, अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरण और हिसाब की पर्चियां जब्त की गई। पुलिस ने उन बुकियों से सट्टे का 76 लाख रुपए से अधिक का हिसाब किताब भी जब्त किया। बाद में पुलिस ने आरोपियों को थाने पर लाकर पूछताछ कर गिरफ्तार किया। ये आरोपी नीमच और निम्बाहेडा क्षैत्र के कुख्यात सट्टेबाज होकर उदयपुर में किराये पर फ्लैट लेकर सट्टेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने इनको गिरफ्तार किया पुलिस टीम में ये शामिल थे सुखेर थानाधिकारी रविन्द्र चारण, डीएसटी प्रभारी श्याम सिंह रत्नू, एएसआई सुनील बिश्नोई, हैड कांस्टेबल नारायण सिंह, रामकुमार, जगदीश मेनारिया, भंवरलाल, करतार सिंह, कांस्टेबल चन्द्रप्रकाश, मुकेश कुमार, जितेन्द्र दीक्षित, भारत सिंह, अचलाराम, प्रकाश सिंह, धनराज, साईबर सैल कांस्टेबल लोकेश रायकवाल शामिल थे।


