उदयपुर में पर्यावरणीय चेतना और सामाजिक सरोकारों को नई दिशा देने के उद्देश्य से ग्रीन पीपल सोसाइटी का साइक्लिंग अभियान पेडल टू जंगल शुभारंभ हो गया। तीन दिवसीय यह अभियान 9 से 11 जनवरी तक उदयपुर से कुंभलगढ़, राजसमंद और पाली के वन क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जिसमें वन संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण और अंगदान जैसे संवेदनशील विषयों पर जन-जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाएगा। अभियान की शुरुआत उदयपुर की ऐतिहासिक और पर्यावरणीय पहचान फतहसागर झील से हुई। देवाली गेट साइड से ‘रश आवर राइड’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साइक्लिंग रैली फतहसागर, रानी रोड, महाकाल, आयुर्वेद कॉलेज, अंबामाता मंदिर, चांदपोल पुलिया, जगदीश चौक, घंटाघर, हाथीपोल, लोहा मार्केट और स्वरूपसागर होते हुए फतहसागर ओवरफ्लो पॉइंट पर संपन्न हुई। व्यस्त शहरी मार्गों से गुजरती इस रैली ने आमजन को पर्यावरण और जीवनदान के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। सोसाइटी अध्यक्ष और पूर्व IFS अधिकारी राहुल भटनागर ने बताया कि प्रकृति संरक्षण और अंगदान दोनों ही समाज के लिए अत्यंत आवश्यक विषय हैं। ‘पेडल टू जंगल’ के माध्यम से जंगलों की सुरक्षा के साथ-साथ अंगदान जैसे मानवीय विषय को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। यह अभियान वन विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। विश्व वन्यजीव निधि (WWF), भारत का भी समर्थन प्राप्त है। ग्रीन पीपल सोसाइटी द्वारा अंगदान को समर्पित तीसरा साइक्लिंग अभियान है। इसके जरिए युवाओं, ग्रामीण समुदायों और आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण और जीवन बचाने की भावना से जोड़ा जाएगा। अभियान के दौरान संवाद सत्र, जन-जागरूकता गतिविधियां और सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के अगले चरण में प्रतिभागी तेजो का गुड़ा से रूपनगर और कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य तक साइक्लिंग करेंगे। जंगलों के बीच यह सफर प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ संरक्षण का संकल्प भी मजबूत करेगा। भटनागर ने सामाजिक संगठनों, अंगदान समूहों और नागरिकों से अपील की कि वे कार्यक्रमों में शामिल होकर वन संरक्षण और अंगदान के संदेश को और सशक्त बनाएं। सहभागिता के लिए साइकिल चलाना अनिवार्य नहीं, बल्कि मौजूदगी और समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।


