उदयपुर में महालक्ष्मी कोटि कुंकुमार्चन पूजा यज्ञ महामहोत्सव:जगद्गुरु वसंत विजयानन्द महाराज ने साधकों को समझाई साधना की बारीकियां

उदयपुर में चल रहे भारत की आध्यात्मिक संस्कृति और शक्ति से ओतप्रोत तप,यज्ञ, साधना का अनूठा, विश्व विराट धार्मिक महामहोत्सव में जगद्गुरु वसंत विजयानन्द महाराज ने साधकों को साधना की बारीकियां समझाई। गुरुदेव ने साधना कक्ष में भगवान गणेश, मां पद्मावती, मां महालक्ष्मी सहित देवी देवताओं की पूजा अर्चना की। इसके बाद साधना हॉल में जीबू कॉइन, माला, आसन के साथ बैठे श्रद्धालुओं को गुरुदेव ने मंत्र, मंत्रोच्चार, मंत्रों की शक्ति इत्यादि के बारे में विस्तार से बताया। गुरुदेव के श्रीमुख से विभिन्न मंत्रोच्चार के साथ लगभग 2 घंटे तक भक्तों को साधना करवाई गई। समृद्धि, खुशहाली, शांति को आकर्षित करने के लिए यह दुर्लभ साधना प्रतिदिन होगी। दोपहर में जगद्गुरु श्री वसंत विजयानन्द गिरी जी की निश्रा में श्री महालक्ष्मी कोटि कुंकुमार्चन यज्ञ पूजा विधान का आरंभ श्री गणेश आराधना से किया गया। इस महायज्ञ में 21 हवन कुंडों में काशी के 135 विद्वानों के द्वारा गुरुदेव के मार्गदर्शन में विधिपूर्वक आहुतियां दी जा रही है। यह एकमात्र ऐसा यज्ञ है जिसमें हजारों किलो सभी प्रकार के मेवे, चंदन लकड़ियों, दुर्लभ जड़ी बूटियों, औषधियों, मिष्ठान्न, गाय के शुद्ध देसी घी की लाखों आहुतियां प्रतिदिन होंगी। यज्ञ में एक करोड़ कुंकुमार्चन से 1008 समृद्धि कलश सिद्ध किये जा रहे हैं। यज्ञ करीब 4 घंटे चला, जिसमें श्रद्धालुओं को कई चमत्कारिक अनुभव हुए। जिन्हें श्रद्धालुओं ने सार्वजनिक रूप से साझा भी किया। भारत की प्राचीनतम आध्यात्मिक विरासत के कई दुर्लभ रहस्यों के बारे में भी इस यज्ञ में जानने को मिल रहा है। यज्ञ में गुरुदेव के श्रीमुख से उच्चारित दुर्लभ मंत्र साधकों और दूर खड़े श्रोताओं को मुग्ध कर देते हैं।
इस दौरान ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने गुरुदेव से आशीर्वाद लिया और यज्ञ में भी बैठे।

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