उदयपुर में वसंत विजयानन्द महाराज करेंगे तप-पूजा-सिद्धि का महामहोत्सव:हजारों किलो सूखे मेवे और चंदन से होगा यज्ञ, दलेर मेहंदी, लखबीर सिंह लक्खा आएंगे

कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु आचार्य वसंत विजयानन्द गिरी महाराज के सान्निध्य में उदयपुर में दिव्यतम महालक्ष्मी कोटि कुंकुमार्चन महायज्ञ पूजा का महोत्सव होगा। इसमें प्रतिदिन कथा होगी और हजारों किलो सूखे मेवे और चंदन से यज्ञ होगा। आयोजन के दौरान दलेर मेहंदी, लखबीर सिंह लक्खा भी आएंगे। उदयपुर के मीरानगर स्थित मैग्नस हॉस्पिटल के समीप विशाल परिसर में महोत्सव का आयोजन 28 दिसंबर से शुरू होगा जो 5 जनवरी तक चलेगा। महोत्सव आयोजन समिति के उपाध्यक्ष शंकेश जैन ने बताया कि गुरुदेव के नाम कई विश्व रिकार्ड का भी कीर्तिमान है। वसंत विजयानन्द गिरी महाराज द्वारा देश ही नहीं अपितु विश्व में भारत की पुरातन सिद्ध परम्परा, सभ्यता और संस्कृति की पताका फहराई है। गुरुदेव द्वारा स्थापित श्री पाश्र्व पद्मावती शक्तिपीठ कृष्णगिरी तीर्थ में जनकल्याण के लिए कई विराट महोत्सवों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि महाराज का नाम 9 बार गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में और 600 से अधिक बार विभिन्न वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। जैन ने बताया कि वसंत विजयानन्द महाराज जगत कल्याण के मार्ग पर अग्रसर हैं। महाराज के जीवन मे कांचीपुरम की यात्रा ने अध्यात्म की ऊंचाई का आभास कराया। यहां से प्रारम्भ हुई यह यात्रा अथक जारी है और निरन्तर धर्म, दर्शन, तप, सिद्धि और अध्यात्म जगत की गहराइयों में वे उतरते गए। जैन ने बताया कि उदयपुर में 28 दिसंबर से महालक्ष्मी कोटि कुंकुमार्चन यज्ञ, पूजा, साधना महामहोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस महायज्ञ में हजारों प्रकार के मेवे, प्राकृतिक औषधियों के साथ ही कुमकुम की एक करोड़ आहुतियों के साथ महालक्ष्मी, धनलक्ष्मी की आराधना पूजा, विधि विधान से होगी। काशी के 135 विद्वान पंडितों के मुखारविंद से मंत्रोच्चार के साथ यह सिद्ध महायज्ञ होगा। इसमे 1008 दिव्य अष्टलक्ष्मी कलश करोड़ आहुतियों से सिद्ध किये जायेंगे। ऐसी होंगे नियमित कार्यक्रम महाराणा प्रताप की विशाल प्रतिमा होगी आकर्षण का केंद्र महामंत्री देवेन्द्र मेहता ने बताया कि महाराज के सान्निध्य में होने जा रहे महामहोत्सव की भव्य तैयारियां की जा रही है। मेवाड़ शिरोमणि महाराणा प्रताप की विशाल प्रतिमा इस परिसर में स्थापित की जाएगी जो विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। करीब साढ़े चार लाख वर्गफीट के विशाल परिसर में धर्म नगरी स्थापित की जा रही है। यहां प्रवेश के लिए 4 विशाल सिंहद्वार होंगे जिसमें 50 हजार वर्गफीट में भव्य कथा पांडाल बनाया गया है और इसमें 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होगी। भोजन पांडाल 50 हजार वर्गफीट में तैयार किया गया है। सुंदरतम यज्ञशाला 20 हजार वर्गफीट परिसर में तैयार की गई है। 8 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में साधना हॉल बनाया गया है। एक लाख वर्गफीट में वाहन पार्किंग व्यवस्था की गई है। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुविधाघर भी होंगे। इस दौरान मंत्री मुकेश चेलावत एवं कोषाध्यक्ष रितेश नाहर भी उपस्थित थे।

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