भास्कर न्यूज | बालोद महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय दुर्ग, उद्यानिकी कॉलेज प्रबंधन की निगरानी में अर्जुंदा क्षेत्र के ग्राम भालुकोन्हा में समन्वित कृषि प्रणाली मॉडल बनेगा। जहां वानिकी फसलों का उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित अन्य विभिन्न कृषि गतिविधियां होगी। इसके अलावा पानी को संग्रहित किया जाएगा। कुलपति डॉ. आरआर सक्सेना, रजिस्ट्रार आरएल खरे, ओएसडी डॉ. राजेश्वरी साहू, डीन डॉ. पायलदेवी चंद्राकर, सहायक प्राध्यापक डॉ. निशा ठाकुर, डॉ. नमिता सिंग सहित अन्य की मौजूदगी में मॉडल के लिए नापजोख के बाद जरूरी काम जारी है। प्रबंधन के अनुसार कम स्थान में खेती के लिए इस मॉडल का प्रयोग किया जाता है। जब मॉडल बनेगा, तब किसानों व उद्यानिकी कॉलेज के स्टूडेंट्स को यहां जरूरी गतिविधियां कराई जाएगी। फर्स्ट सेमेस्टर की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ग्राम भालुकोन्हा में उद्यानिकी कॉलेज की नई बिल्डिंग तैयार होने के बाद अब तक हैंडओवर नहीं हो पाया है। नई बिल्डिंग में सितंबर से पढ़ाई शुरू कराने की प्लानिंग है। एक माह पहले निरीक्षण के दौरान कुलपति ने अनुसंधान पराक्षेत्र के विकास के अलावा बिजली व अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने संबंधित काम को जल्द पूरा कराकर नई बिल्डिंग में क्लास लगाने निर्देश दिए थे। पिछले कई साल से उद्यानिकी कॉलेज का संचालन अर्जुंदा के भवन में हो रहा है। दूसरे चरण में फर्स्ट सेमेस्टर की 22 सीटें खाली थीं प्रबंधन के अनुसार उद्यानिकी कॉलेज में फर्स्ट सेमेस्टर के निर्धारित 60 सीटों में स्टूडेंट्स प्रवेश ले चुके है। प्रबंधन के अनुसार पहले चरण में 38 सीटों में प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स ने जरूरी दस्तावेज जमा करने के साथ फीस का भुगतान किया था। दूसरे चरण में 22 सीटें खाली थी। दो चरण में सभी 60 सीटों मंे प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स फीस, दस्तावेज जमा कर चुके है। एक सप्ताह में पढ़ाई शुरू होने का अनुमान है। रिक्त सीट होने की स्थिति में पीएटी के अलावा 12वीं अंकसूची के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया चलती।


