निवर्तमान पार्षद हरजीत सिंह ने मांग की है कि उक्त शौचालय को उपयोग में लाया जाए। निर्माण के बाद से बंद पड़े रहने के कारण शौचालय की स्थिति भी खराब होती जा रही है। साथ ही अब तक यह सिर्फ सरकारी राशि की बर्बादी बनकर रह गया है। ऐसे में प्रशासन इसपर ध्यान दें और शौचालय को चालू कराएं। जिससे कि खुले में शौच करने की विवशता दूर हो सके। नगर परिषद के नगर प्रबंधक हेलाल अहमद ने कहा कि नगर भवन नप के अधीन है। शौचालय का निर्माण पीएचईडी से कराया गया है। वहां के अभियंता से वार्ता की जाएगी। इसे खोलने की दिशा में सकारात्मक पहल किया जाएगा ताकि नागरिकों को सुविधा मिल सके। अगर आप भी बताना चाहते है जनहित के किसी मुद्दे या समस्या के बारे में, तो उससे जुड़ी डिटेल और फोटो-वीडियो अपने नाम व पते के साथ हमें 9431421095, 9431193614 या 9304635411 पर व्हाट्सअप किजिए। गुमला | शहर के स्थानीय नगर भवन में नागरिकों की सुविधा के लिए बना शौचालय शोभा की वस्तु बनकर रह गया है। तत्कालीन डीसी सुशांत गौरव के कार्यकाल में शौचालय का निर्माण डीएमएफटी मद से इस मकसद से कराया गया था कि शौच के लिए महिला या पुरूषों को परेशानी नहीं होगी और चूंकि नगर भवन शहर के बीच में अवस्थित है, तो ऐसे में गुजरने वाले या टाउन हॉल के किसी कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को शौच के लिए सुविधा मिल सकेगी। किंतु ऐसा नहीं हुआ और उक्त शौचालय से मकसद की पूर्ति नहीं हो सकी। लिहाजा अब भी शौचालय का ताला बंद ही है। जिसके कारण अकसर महिला-पुरूषों को इस रोड में खुले में शौच करते देखा जाता है। जबकि उस रोड से प्रशासनिक अधिकारियों का दिनभर आना जाना लगा रहता है।


