परपोड़ी|त्रिस्तरीय पंचायती राज के चुनाव में निर्वाचित होने के बाद शासन द्वारा प्रत्येक पंचायत स्तर पर प्रतिनिधि का मानदेय निर्धारित कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है। उपसरपंचों के मानदेय निर्धारण में भेदभाव कर उन्हें उपेक्षित किया गया है, साथ उन्हें कोई भी अधिकार नहीं दिया गया है। इसे लेकर ग्राम पंचायत भाटगांव के उपसरपंच खम्हन सिंह राजपूत ने मानदेय में हो रहे भेदभाव को लेकर शासन को निवेदन पत्र लिखा है। खम्हन सिंह राजपूत ने उपसरपंचों की उपेक्षा व भेदभाव को देखते हुए राज्य में उपसरपंच संघ गठित करने पर भी जोर दिए है। पंच के बाद गहन विपरीत परिस्थिति में निर्वाचित होकर द्वितीय पंक्ति के महत्वपूर्ण पद में आने बाद भी उचित महत्व नहीं मिलना व पंच के बराबर मानदेय दिया जाना पद की गरिमा के विपरीत लगता है। शासन को इस दिशा में पुनर्विचार करते हुए सम्मान जनक अधिकार व मानदेय दिलाने उचित निर्णय लेना चाहिए। ताकि उपसरपंच पद की गरिमा बने रहें।


