उमरिया जिले में जनजाति कार्य विभाग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता विवादों में घिर गई है। यह आयोजन बिना मुख्य अतिथि और संशोधित तिथि की पूर्व सूचना के किया गया, जिसके कारण कई जिलों के छात्र इसमें शामिल नहीं हो सके। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने इस लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रतियोगिता मूल रूप से 2 और 3 अक्टूबर को निर्धारित थी, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के इसे संशोधित कर 6 अक्टूबर को आयोजित कर दिया गया। जानकारी के अभाव में लगभग 21 जिलों से आने वाले छात्र प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो पाए। इसके अलावा, आयोजन में किसी मुख्य अतिथि को आमंत्रित नहीं किया गया और न ही जिले के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बुलाया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने की कलेक्टर से शिकायत इस मामले पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय कोल ने मंगलवार को जिला प्रशासन और जनजाति कार्य विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिले में पहली बार इतने बड़े आयोजन में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया गया। कोल ने कलेक्टर से मनमानी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की और दो दिन के कार्यक्रम को एक दिन में निपटाने को छात्रों की प्रतिभाओं की अनदेखी बताया। प्रभारी बोले- विभाग ने खुद बदलाव किया कार्यक्रम प्रभारी राम कुशल पांडे ने बताया कि विभाग ने अपने हिसाब से कार्यक्रम की तारीख बदली और आयोजन करवाया। उन्होंने केवल अपने विभाग के मुखिया, सहायक आयुक्त को आमंत्रित किया था। वहीं, जनजाति कार्य विभाग की सहायक आयुक्त पूजा द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि वह कार्यक्रम प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगेंगी कि तारीख किससे पूछकर बदली गई और जनप्रतिनिधियों को क्यों नहीं बुलाया गया। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात भी कही।


