उमरिया जिले में धान खरीदी का कार्य आज (20 जनवरी) समाप्त हो रहा है। 1 दिसंबर से शुरू हुए इस अभियान में निर्धारित लक्ष्य से अधिक 1.60 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। हालांकि, अभी भी किसानों को लगभग 114 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना बाकी है। जिले में कुल 27,949 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था। इनमें से 26,165 किसानों ने स्लॉट बुक किए और 25,398 किसानों ने अपनी फसल बेची। कुल 1,60,765 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है, जबकि विभाग द्वारा जिले के लिए 1.50 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। धान खरीदी के बाद अब विभाग के सामने इसके सुरक्षित परिवहन और भंडारण की बड़ी चुनौती है। लगभग 20 हजार मीट्रिक टन धान अभी भी खुले में पड़ी है, जिसका परिवहन होना बाकी है। जिले के सभी शासकीय गोदाम भर चुके हैं, इसलिए उपार्जित धान का भंडारण मिलर्स के गोदामों में किया जा रहा है। खरीदी की अंतिम तिथि 20 जनवरी है। इस बीच मौसम में बदलाव के कारण बादल छाए हुए हैं, जिससे खुले में रखी धान के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। लक्ष्य से ज्यादा धान खरीदा खाद्य अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि जिले के सभी गोदाम भर चुके हैं और लक्ष्य से अधिक धान की खरीदी हुई है। यदि और धान आती है, तो उसे अन्य जिलों में भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि 25 जनवरी तक समितियों में रखी गई धान को गोदामों तक पहुंचा दिया जाएगा।


