उमरिया जिले में घर-घर नल से जल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी नल जल योजना में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिले के लगभग 50 से अधिक गांवों में यह योजना या तो पूरी तरह बंद पड़ी है या फिर इसका कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान मंगलवार को उमरिया पहुंचे। उन्होंने जिला पंचायत के सभा कक्ष में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिले की प्रमुख समस्याओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। बैठक में नल जल योजना की वास्तविक स्थिति सामने आने पर प्रभारी मंत्री ने गहरी असंतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना में हुई लापरवाही की जांच राज्य स्तरीय टीम द्वारा कराई जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों में जलापूर्ति बाधित है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर योजना को जल्द से जल्द चालू किया जाए। इससे पहले, प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक पत्रकार वार्ता भी की। इस वार्ता में उन्होंने सरकार की उपलब्धियों और विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की। नल जल योजना में सामने आई इस लापरवाही से ग्रामीणों में असंतोष है। वहीं, प्रभारी मंत्री के सख्त रुख के बाद अब इस मामले में कार्रवाई और सुधार की उम्मीद जगी है।


