बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे बेल्दी गांव के पास सोमवार सुबह एक बाघ खेत में बैठा देखा गया। बाघ की मौजूदगी की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण उसे देखने के लिए मौके पर जमा हो गए। यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में बाघ देखा गया है। इससे पहले चिल्हारी के गड़रिया हार क्षेत्र में भी एक बाघिन देखी गई थी, जिसे 26 दिसंबर को रेस्क्यू कर माधव टाइगर रिजर्व भेजा गया था। क्षेत्र में बाघों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में भय के साथ-साथ उत्सुकता भी बनी हुई है। सूचना मिलते ही पनपथा बफर की वन विभाग टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने बाघ की लगातार निगरानी शुरू कर दी है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। मौके पर मौजूद है टीम पनपथा बफर के परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी टीम घटनास्थल पर मौजूद है और स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बाघ और ग्रामीणों दोनों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।


