उमरिया में व्यापारी 17-18 रुपए किलो में खरीद रहे धान:किसानों को 6 रुपए प्रति किलो का नुकसान; बोले- पैसों की जरूरत के लिए मजबूरी में बेच रहे

उमरिया जिले में 1 दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो चुकी है। इसके बावजूद कई किसानों को बाजार में कम दामों पर धान बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसका मुख्य कारण रजिस्ट्रेशन न होना बताया जा रहा है, जिससे वे सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। स्थानीय व्यापारी किसानों से 17 से 18 रुपए प्रति किलो की दर पर धान खरीद रहे हैं। कुछ किसान यह भी बताते हैं कि उन्हें 16 रुपए प्रति किलो का भाव भी प्रस्तावित किया जा रहा है। इससे किसानों को प्रति किलो लगभग 6 रुपए का सीधा नुकसान हो रहा है, क्योंकि समर्थन मूल्य इससे काफी अधिक है। किसानों के बीच बढ़ती इस परेशानी को देखते हुए, रजिस्ट्रेशन से वंचित किसानों की समस्या पर प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप की मांग उठ रही है। किसान चाहते हैं कि सरकार ऐसे किसानों के लिए भी कोई समाधान निकाले। किसान बोले-“रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, व्यापारी फायदा उठा रहा लालपुर के किसान प्रिंस ने बताया कि वे अधिया पर खेती करते हैं और रजिस्ट्रेशन न होने के कारण समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, इसलिए व्यापारी हमारी मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। वे 17-18 रुपए में धान खरीद रहे हैं, जिससे हमें 6 रुपए प्रति किलो का नुकसान हो रहा है। सरकार को बिना रजिस्ट्रेशन वाले किसानों पर भी ध्यान देना चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि गेहूं के बीज और खाद के लिए पैसों की जरूरत होने के कारण उन्हें धान बेचना पड़ रहा है। किसानों का कहना पैसों की जरूरत के लिए मजबूरी में बेचे धान एक अन्य किसान राजेश ने भी अपनी समस्या साझा करते हुए बताया कि धान 17 या 18 रुपए से ज्यादा में नहीं बिक रही है। उन्होंने कहा, “मैंने भी पैसों की जरूरत के लिए धान बेची है। अब करें भी तो क्या करें।” इस स्थिति पर प्रभारी खाद्य अधिकारी रोहित सिंह ने कहा कि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं अनियमित स्टॉक या कम दामों में धान खरीद की जानकारी मिलती है, तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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