मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपनी मां की स्मृति में तीन दिवसीय पदयात्रा निकाल रही हैं। जिसकी शुरुआत आज दोपहर टीकमगढ़ जिले की खरगापुर विधानसभा के गररोली गांव से शुरू होकर उनके पैतृक गांव डूडा में समाप्त होगी। उमा भारती ने बताया कि उनकी मां को पालकी या बैलगाड़ी में चक्कर आते थे, इसलिए वे अपने मायके गरोली से ससुराल डूडा तक पैदल ही यात्रा करती थीं। इसी परंपरा को याद करते हुए उमा भारती यह यात्रा निकाल रही हैं। यह यात्रा कछिया खेरा, सूरजपुर और बड़ागांव होते हुए 2 दिसंबर को डूडा पहुंचेगी, जहां वह एक जनसभा को संबोधित करेंगी। यात्रा शुरू करने से पहले रविवार सुबह उमा भारती ने शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध धूरकोट हनुमान मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इससे पहले शनिवार रात उन्होंने कांग्रेस के पूर्व विधायक स्वर्गीय रामकृष्ण मिश्रा के घर जाकर उनके परिवार से मुलाकात की और पुरानी यादें ताजा कीं। यह यात्रा उमा भारती के भतीजे राहुल की खरगापुर विधानसभा क्षेत्र से गुजर रही है, जहां से राहुल पिछला चुनाव हार चुके हैं। इस यात्रा को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


