भास्कर न्यूज| जांजगीर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की बहुप्रतीक्षित उरगा-चांपा फोरलेन सड़क परियोजना का 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। कुल 38.200 किलोमीटर लंबाई की इस फोरलेन सड़क के निर्माण में कई वर्षों की देरी और विभिन्न अड़चनों के बाद अब यह मार्ग पूरी तरह आकार लेता नजर आ रहा है। परियोजना की कुल लागत लगभग 630 करोड़ रुपए है। बरपाली, कोथारी और मड़वारानी में स्थित अंडरपास का निर्माण कार्य अब पूर्ण कर लिया गया है। इन स्थानों से अब बिना किसी बाधा के वाहन चालकों की आवाजाही सुगम हो गई है। पहले इन अंडरपास के अधूरे निर्माण की वजह से लोगों को कई जगह रुकना पड़ता था, लेकिन अब उरगा से चांपा तक निर्बाध सफर संभव हो गया है। फोरलेन मार्ग का 12 किलोमीटर लंबा चांपा बायपास उच्चभिट्ठी होते हुए बालपुर और फिर कमरीद तक जाता है। कमरीद के पास रेलवे लाइन पर बने ओवरब्रिज का कार्य भी पूर्ण हो चुका है, जिससे अब रायगढ़ हाईवे तक सीधा और बिना अवरोध पहुंचा जा सकता है। चूंकि यह क्षेत्र खेती योग्य भूमि वाला है, इसलिए सड़क का निर्माण पहले ही करा लिया गया था। फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए दो चरणों में कुल 65.709 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इसके तहत 16 गांवों के 1176 ग्रामीणों की भूमि अधिग्रहीत की गई, जिसके एवज में 300 करोड़ रुपये से अधिक के मुआवजा प्रकरण तैयार किए गए। मुआवजा वितरण का कार्य एसडीएम कार्यालय के माध्यम से किया जा रहा है। हालांकि, कई ग्रामीणों द्वारा नामांतरण, बंटवारा या आपसी विवाद के चलते मुआवजा अब तक नहीं लिया गया है। उरगा के पास लगभग 200 मीटर का सड़क हिस्सा अभी भी अधूरा है। इसका मुख्य कारण भूमि अधिग्रहण में आ रही बाधा है। कुछ भूखंडों पर कानूनी विवाद और डायवर्सन के मुद्दों के चलते निर्माण कार्य अभी रुका हुआ है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डीडी पार्लावार ने जानकारी दी कि अधिकांश हिस्सों में अंडरपास और मुख्य सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है और जहां कार्य अधूरा है, वहां भी तेजी से काम किया जा रहा है। उरगा-कटघोरा फोरलेन परियोजना के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। पहले किए गए सर्वे में लोगों ने अधिक मुआवजा पाने की मंशा से अपनी जमीन का बटांकन करा लिया था, जिससे अनुमानित मुआवजा राशि 500 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसके बाद प्रशासन ने नए सिरे से सर्वे कराने का निर्णय लिया है। अब इस फोरलेन मार्ग पर जमनीपाली के पास टोल प्लाजा को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जैसे ही शेष कार्य पूर्ण होगा और टोल प्लाजा तैयार होगा, यहां से गुजरने वाले वाहनों से शुल्क लिया जाने लगेगा। इससे सड़क की रखरखाव और संचालन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। डायवर्सन विवाद बना अधिग्रहण में रुकावट सड़क किनारे जमीन के डायवर्सन को लेकर भी विवाद सामने आए हैं। नियमों के अनुसार सड़क से 40 फीट आगे की भूमि का ही डायवर्सन किया जा सकता है, लेकिन कई लोगों ने सड़क से लगी भूमि का डायवर्सन कर लिया और उसी आधार पर मुआवजा की मांग करने लगे। यही कारण है कि उरगा और सरगबुंदिया क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अधूरी रह गई है।


