झुंझुनूं में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत प्राइवेट हॉस्पिटल में फ्री इलाज हुआ। अस्पताल में 15 दिन के चले इलाज के बाद सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने अस्पताल पहुंचकर डिस्चार्ज कराया। उर्मिला ने बताया- 1 दिसंबर को जुड़वां बेटियां हुई थी। समय पूर्व प्रसव होने से एक बच्ची का वजन 1.25 किलो व दूसरी का 1.40 किलो था। दोनों को सांस लेने में परेशानी थी। धड़कन भी कमजोर थी। तब निजी अस्पताल में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में प्री-मैच्योर बच्चों के इलाज के लिए स्कीम के तहत इलाज किया गया। इलाज के बाद पहली बच्ची का 1.70 किलो व दूसरी का 1.80 किलो होने व सांस व धड़कन सामान्य होने पर छुट्टी दी गई। सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने अस्पताल पहुंच मां योजना में बच्चियों का जीवन सुरक्षित होने पर बधाई दी। बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना मरीजों के लिए बड़ा सहारा बन रही है। जिले में 28 सरकारी व 45 निजी अस्पताल इस योजना में फ्री इलाज कर रहे हैं। चिकित्सक डॉ. पीएल काजला और उनकी टीम को भी बधाई देते हुए उनके कार्य की सराहना की। बच्चियों के पिता मोनू प्रकाश ने बताया कि हम बहुत खुश हैं कि हमारी बेटियों का 20 दिन तक सम्पूर्ण उपचार कैशलेश हुआ। सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि प्री-मैच्योर पैदा हुई बच्चियों को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से घर विदा किया। यह राज्य सरकार बहुत अच्छी योजना है। लोगों को फायदा लेना चाहिए। दोनों बच्चियों का 15 दिनों तक फ्री इलाज हुआ है। उन्होंने बताया- नागरिक और उसके परिवारजन को कभी भी इलाज की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में राज्य सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना ही सहारा बनती है। अपने जिले में 28 सरकारी एवं 45 निजी अस्पताल योजना से इलाज के लिए अधिकृत हैं। जिले के 90 प्रतिशत से अधिक परिवार इसके दायरे में हैं।


