उदयपुर-नाथद्वारा नेशनल हाइवे पर चीरवा टनल से पहले फूलों की घाटी है, जो उदयपुर में अब एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख डेस्टिनेशन बन गई है। दरअसल, पहाड़ और प्रकृति के बीच स्थित इस घाटी से पहले किसी जमाने में घाट सेक्शन होकर गाड़ियां आती-जाती थी, लेकिन चीरवा टनल बनाकर उदयपुर-नाथद्वारा-गोमती सेक्शन हाइवे बना उसके बाद इस घाट सेक्शन को फूलों की घाटी में तब्दील कर दिया गया। 3 अगस्त, 2018 को इसे पर्यटकों के लिए खोला गया था। उस समय वन विभाग ने यहां पहली बार जिप लाइन शुरू की थी। यहां हर माह में करीब 15 हजार पर्यटक घूमने आते है। फूलों की घाटी में शुरू की गई एडवेंचर एक्टिविटी का फायदा मिला है।पर्यटकों के लिए वैली बाली डिजाइन में सेल्फी पॉइंट बना रखे हैं। हाइवे शुरू होने के बाद सुनसान रहने से यह रोड असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गई थी। इसके बाद यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रोड किनारे फूलों के पेड़-पौधे लगाए गए। गत वर्ष यहां स्काई साइकिलिंग, बाली झूला और वॉल क्लाइंबिंग की शुरुआत की गई। यहां वन विभाग ने पार्क की देखरेख के लिए ग्रामीणों को वन समिति के माध्यम से जोड़ा है। अभी 16 ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है। वीडियो-फोटो: ताराचंद गवारिया


