जयपुर में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा- प्रदेश का हर नागरिक जागरूक होकर ऊर्जा संरक्षण के प्रति दायित्व को समझते हुए बिजली बचाने में योगदान दे। उन्होंने कहा- शहरीकरण एवं औद्योगिकीकरण के वर्तमान दौर में ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता बढ़ गई है। इसे लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा दे रही है। ऊर्जा मंत्री ने मंगलवार को कांस्टीट्यूशनल क्लब में राजस्थान ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार कार्यक्रम में यह कहा। उन्होंने कहा- ऊर्जा संरक्षण और आर्थिक प्रगति एक-दूसरे के पूरक हैं। ऊर्जा संरक्षण से जहां औद्योगिक इकाइयों की लागत में कमी आती है। वहीं उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है। नागर ने कहा- कई उद्योगों, संस्थानों, निकायों एवं व्यक्तियों ने ऊर्जा दक्षता को अपनाया। नई तकनीकों का उपयोग किया तथा ऊर्जा खपत और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाई। वर्ष-2070 तक नेट जीरो का संकल्प
ऊर्जा मंत्री नागर ने कहा- राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष-2070 तक नेट जीरो तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। स्टेट एनर्जी एक्शन प्लान
ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजिताभ शर्मा ने कहा- राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्टेट एनर्जी एक्शन प्लान के अंतर्गत प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा- ऊर्जा दक्षता एवं संरक्षण चुनौतीपूर्ण कार्य है, इसके लिए आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग की आवश्यकता है, जिससे प्रदेश को ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सके। राजस्थान 42 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता के साथ देश का अग्रणी राज्य
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रोहित गुप्ता ने कहा- राजस्थान 42 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता के साथ देश का अग्रणी राज्य है। राज्य में बड़े पैमाने पर अक्षय ऊर्जा पार्क एवं सौर परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर एवं कुसुम योजना के माध्यम से विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में राज्य में ऊर्जा संरक्षण पर भी मजबूती से कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयासों के लिए पांच प्रमुख श्रेणियों (उद्योग, व्यक्तिगत भवन, नगरीय निकाय भवन, सरकारी विभाग कार्यालय तथा व्यक्तिगत श्रेणी) में कुल 30 संस्थानों एवं व्यक्तियों को तथा 43 अन्य विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। सरकारी विभाग वर्ग की जिला कलेक्टर श्रेणी में वर्ष 2022-23 के अंतर्गत ‘प्रमोशन ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी इन डिफरेंट डिस्ट्रिक्ट’ के लिए वर्तमान अलवर जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला को प्रथम पुरस्कार दिया गया। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के 10 लाभार्थियों को इंडक्शन कुकटॉप बांटा गया।


