एआई आधारित पीवी स्पिनिंग में भीलवाड़ा रोल मॉडल, इसी से हम एक्सपोर्ट में अव्वल

भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा टेक्सटाइल उद्योग में तकनीकी बदलाव तेजी से देखने को मिल रहे हैं। अब उत्पादन केवल मशीनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि डेटा, सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम के माध्यम से किया जा रहा है। इसी से भीलवाड़ा एक्सपोर्ट में लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में रायला क्षेत्र में स्थापित रत्नाकर स्पिनर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का अत्याधुनिक पीवी (पॉलिस्टर विस्कोस) स्पिनिंग प्लांट टेक्सटाइल सेक्टर में नई तकनीक की मिसाल के रूप में सामने आया है। इस स्पिनिंग यूनिट में 36,000 स्पिंडल पूरी तरह संचालित हैं और पूरा प्लांट एआई आधारित ऑटोमेशन सिस्टम पर कार्य कर रहा है। प्लांट में स्थापित मुराटा कंपनी की आधुनिक ऑटोमेटिक स्पिनिंग मशीनों के माध्यम से सभी प्रकार के पीवी डायड यार्न का उत्पादन किया जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बताया जा रहा है। प्लांट में पॉलिस्टर और विस्कोस फाइबर का सटीक ब्लेंडिंग प्रोसेस अपनाया गया है। सेंसर आधारित तकनीक के जरिए यार्न की मोटाई, मजबूती, नमी और स्टैटिक चार्ज को लगातार रियल टाइम में मॉनिटर किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की असमानता आने पर सिस्टम स्वतः सुधार कर लेता है, जिससे यार्न की गुणवत्ता में निरंतरता बनी रहती है। मुराटा ऑटोकॉर्नर तकनीक से गांठ मुक्त वाइडिंग और समान गुणवत्ता वाला यार्न तैयार किया जा रहा है। रायला क्षेत्र में रत्नाकर स्पिनर्स इंडिया लिमिटेड का प्लांट। (इनसेट) आधुनिक मशीनें। तकनीकी रूप से डिजाइन किया गया प्लांट का बेसमेंट स्ट्रक्चर तापमान और हीट को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में सहायक है। इससे मशीनों की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है और लंबे समय तक संचालन में सुविधा मिलती है। एआई तकनीक के उपयोग से श्रमिकों की भूमिका अब भारी मैनुअल कार्य से हटकर तकनीकी निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण तक सीमित हो गई है। इससे न केवल सुरक्षा और उत्पादकता में सुधार हुआ है, बल्कि मशीनों के ब्रेकडाउन की संभावनाएं भी कम हुई हैं। इस तरह रत्नाकर स्पिनर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का यह पीवी स्पिनिंग प्लांट यह संकेत देता है कि भीलवाड़ा का टेक्सटाइल सेक्टर आधुनिक तकनीक के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ रहा है।

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