राज्य सरकार की ओर से हाल में जारी प्रदेश की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पॉलिसी के अनुसार 2030 तक सभी सरकारी विभागों में कामकाज एआई के जरिए होगा। पढ़ाई से लेकर पुलिसिंग, क्राउड मैनेजमेंट से लेकर ट्रैफिक कंट्रोल तक में एआई की मदद ली जाएगी। एआई पॉलिसी को अगले 5 साल यानी मिड टर्म और 10 साल लॉन्ग टर्म के हिसाब से लागू किया जाएगा। हर विभाग में एआई नोडल ऑफिसर की नियुक्ति होगी। इस पॉलिसी की खास बात यह है कि एआई तकनीक के जरिए विभागवार क्या-क्या बदलाव होंगे, यह स्पष्ट किया गया है। पॉलिसी के तहत आपदा प्रबंधन विभाग में जीआईएस एंड रिमोट सेंसिंग लैब बनेगी और एआई तकनीक बेस्ड 250 ड्रोन खरीदे जाएंगे, ताकि बाढ़ या अन्य तरह की आपदा में नुकसान का जायजा लेकर तुरंत राहत कार्य शुरू किए जा सकें। इसके अलावा शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, टूरिज्म, वन विभाग, आपदा प्रबंधन, जेडीए, निगमों को भी एआई तकनीक से लैस किया जाएगा। राज्य सरकार ने प्रदेश को एआई रेडी स्टेट के रूप में विकसित करने के लिए यह पॉलिसी लागू की है। शिक्षा विभाग; 30 से 40 कोर्स तैयार किए जाएंगे प्रदेश के स्कूल और कॉलेजों में एआई पर्सनलाइज्ड लर्निंग सिस्टम लागू होगा, जो छात्रों की क्षमता के अनुसार पढ़ाई करवाएगा और समय-समय पर शिक्षकों को नई तकनीक की ट्रेनिंग देगा। एआई ड्रिवन स्किल असेसमेंट एंड सर्टिफिकेशन कोर्स करवाए जाएंगे। एआई, ब्लॉकचैन, डेटा एनालिसिस को लेकर 30 से 40 कोर्स तैयार होंगे। ट्रैफिक जाम दूर करने के लिए एआई से ट्रैफिक कंट्रोल किया जाएगा, वार्निंग सिस्टम बनेगा। एआई बेस्ड एडवांस ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट डेवलप होगा। 2035 तक स्टेट हाईवे भी एटीएमएस से जुड़ेंगे। मेडिकल मरीजों का डेटा इंटीग्रेटेड होगा। 2030 तक 33 और 2035 तक 44 मेडिकल कॉलेज एआई बेस्ड होंगे। मरीजों के डेटा से लेकर बीमारियों को डिटेक्ट करने, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी में जांच की जाएगी। टूरिज्म एआई बेस्ड ड्राइव असिस्टेंस और क्यूआर कोड वाले साइनेज बनेंगे। धार्मिक स्थलों के लिए ऐप और ऑडियो-वीडियो विजुअल टूल्स बनाए जाएंगे। आयोजनों में भीड़ कंट्रोल और सिक्योरिटी भी एआई से ही होगी। सर्विलांस सिस्टम, एडवाइजरी व ज्यूडिशियल सिस्टम बनेगा वन विभाग एआई बेस्ड सर्विलांस सिस्टम बनेगा। जियो फेंसिंग के साथ-साथ स्पीशीज रिकवरी प्लान एआई तैयार करेगा। एंटी फॉरेस्ट टास्क फोर्स बनेगी। कृषि हाईटेक फार्मिंग मेथड से कृषि में 40 प्रतिशत उत्पादकता बढ़ेगी। एआई बेस्ड एडवाइजरी सिस्टम लागू होगा। न्यायपालिका स्मार्ट ज्यूडिशियल मैनेजमेंट सिस्टम बनेगा, जिससे पेंडेंसी कम होगी। “सीएम के निर्देशन में स्टेट के लिए एआई पॉलिसी बनी है, जिससे गवर्नेंस सुगम होगी और आमजन के दरवाजे तक सुविधाएं व योजनाएं पहुंचेंगी। पॉलिसी के लिए जल्द कर्मचारियों की ट्रेनिंग शुरू होगी।” — हिमांशु गुप्ता, आयुक्त व विशेष सचिव, डीओआईटी


