एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शंकरगढ़ की छात्रा निहारिका नाग ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने आंध्र प्रदेश में आयोजित 6वें ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक-साहित्यिक कला उत्सव ‘उद्भव 2025’ में माटी कला प्रतियोगिता में यह उपलब्धि हासिल की। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली निहारिका को एकलव्य विद्यालय में प्रवेश के बाद अपनी मिट्टी कला प्रतिभा को निखारने का अवसर मिला। विद्यालय के बेहतर माहौल, उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञों के प्रशिक्षण ने उनकी कला को मजबूती दी। इससे पहले, निहारिका ने जगदलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने कला कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। इस जीत ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। राज्य स्तरीय सफलता के बाद, निहारिका ने ‘उद्भव 2025’ में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर दोहरा स्वर्ण पदक जीतकर अपने विद्यालय और पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का मान बढ़ाया। निहारिका ने बचपन से ही मिट्टी कला के प्रति गहरा रुझान दिखाया था। विद्यालय ने उनकी इस प्रतिभा को ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बलरामपुर जिले के दूरस्थ गांवों झारा और कुसफर में जल जीवन मिशन ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुआ है। उत्तर प्रदेश सीमा से सटे इन गांवों में अब सैकड़ों परिवारों को घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल मिल रहा है, जिससे वर्षों पुराना पेयजल संकट समाप्त हो गया है। पहले इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को, पीने का पानी लाने के लिए 1 से 2 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता था। इस दैनिक संघर्ष से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। झारा के कुम्हरपारा निवासी मानसिंह, शिवकुमार प्रजापति, जलेखा प्रजापति और सुनील प्रजापति सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले प्रतिदिन एक किलोमीटर से अधिक दूर से पानी लाते थे। अब पानी सीधे उनके घरों तक पहुंच रहा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। इसी तरह, कुसफर गांव के रामविलास गोंड़ ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कारण अब उन्हें 1-2 किलोमीटर दूर से पानी लाने की मजबूरी खत्म हो गई है और घर में ही पानी उपलब्ध है। जल जीवन मिशन के तहत इन दोनों गांवों के सैकड़ों परिवार अब स्वच्छ पेयजल की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस सुविधा ने उनके दैनिक जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाया है।


