भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन मैनेजमेंट की तरफ से सिटी सर्किल के एक जेई को 8 दिन पहले सस्पेंड किया गया था। वहीं अब सस्पेंड जेई ने एक्सईएन के खिलाफ पावरकॉम के लाखों रुपए का नुकसान करने के आरोप लगाए है। जेई ने आरोप लगाते कहा कि आरटीआई में सूचना मांगी थी। जिसमें साल 2015 में केंद्र सरकार के एपीडीआरपी सेल के तहत एक कंपनी द्व्रारा साउथ सबडिवीजन में नए ट्रांसफार्मर लगाए थे। जिसकी वारंटी पांच साल की थी पर वह ट्रांसफार्मर जल्दी जल गए। जेई ने कहा कि एक्सईएन द्वारा उक्त ट्रांसफार्मर को कंपनी से बिना बदलवाए पांच साल तक दूसरे ट्रांसफार्म में लोड शिफ्ट करवा रखा। जबकि वह ट्रांसफार्मर बिना देरी किए कंपनी से रिपलेस्मेंट करवाए जा सकते थे। जेई ने कहा कि ट्रांसफार्मर रिपलेस्मेंट नहीं करवाने से पावरकॉम को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। इसकी जिम्मेदारी एक्सईएन की बनती थी। वहीं जेई ने कहा कि इससे पहले भी एक्सईएन ने बिना बजह उसे सस्पेंड करवाया था। उनका कहना है कि उनकी तरफ से दिसंबर 2016 में नंबर 22/71 लगाकर ईस्ट डिवीजन में एस्टीमेट बनाकर भेजा गया था। जिसे करीब 8, 9 महीने एक्सईएन ने अपने पास रखा। जेई का कहना है कि अगर उस एस्टीमेट में कोई त्रुटि थी तो वह सबडिवीजन को वापस भेजना होता है। परंतु एक्सईएन द्वारा ऐसा नहीं किया गया। वहीं जब एक एसडीओ द्वारा इन्क्वायरी की गई तो उसके खिलाफ (जेई) कोई सबूत नहीं मिला। जिसकी रिपोट तैयार एसडीओ ने अधिकारियों को भेज दी। जेई का कहना है कि एक्सईएन द्वारा पुराने मैमो नंबर लगाकर 2018 का एस्टीमेट भेज गया। जबकि उस साल वह माल मंडी में ड्यूटी निभा रहे थे। जेई ने कहा कि उक्त एक्सईएन उन्हें बिना बजह 11 सालों से परेशान करते आ रहा है।


