एक तहसीलदार ने समझौता करवाया, दूसरे कब्जा तोड़ने पहुंच गए:नाली विवाद पर 6 माह पहले ही हो चुकी थी बातचीत; जिंदा जले दंपती अब भी गंभीर

देवास जिले के सतवास में खुद को आग लगाने वाले व्यास दंपती का इंदौर में इलाज चल रहा है। संतोष व्यास और जयश्री व्यास ने 24 दिसंबर को पेट्रोल छिड़ककर खुद पर आग लगा ली थी।जयश्री की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। इस बीच दैनिक भास्कर को कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं। इनमें सामने आया है कि जिस नाली को लेकर पड़ोसियों मोहन और ओमप्रकाश बैरागी से विवाद था, उसका छह माह पहले ही समझौता हो चुका था। उस समय तत्कालीन तहसीलदार हरिओम ठाकुर ने व्यास और बैरागी परिवार के दस्तावेज जांचे थे। मौके की स्थिति देखने के बाद दोनों पक्षों के बीच विधिवत समझौता कराया था। यह भी सामने आया है कि नए तहसीलदार अरविंद दिवाकर के आने के बाद उन्होंने समझौते के विपरीत बैरागी परिवार का साथ दिया। इसी के चलते घटना के दिन व्यास दंपती ने अपने मकान पर जेसीबी चलने से पहले जोरदार विरोध किया और फिर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। पाइपलाइन डालकर हो चुका था निराकरण
संतोष व्यास के भतीजे शोभित ने बताया कि 21 जून 2025 को पुलिस थाना सतवास में तहसीलदार के समक्ष आयोजित कैंप में मोहन बैरागी और चाचा संतोष व्यास के बीच राजीनामा हुआ था। इसमें मोहन बैरागी ने घर से निकल रहे पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन डालने के लिए नगर परिषद में 5 हजार रुपए जमा किए थे। नगर परिषद ने इसकी रसीद भी जारी की थी। इसके बाद नगर परिषद के कर्मचारियों ने घर के साइड से पानी की पाइपलाइन डालकर 3 जुलाई को समस्या का निराकरण कर दिया था। फिर पलटे पड़ोसी, की शिकायत
इसके बाद सितंबर 2025 में मोहन बैरागी और ओमप्रकाश बैरागी ने एसडीएम कन्हैयालाल तिलवारी को संतोष व्यास के खिलाफ एक आवेदन दिया। इसमें कहा गया कि नाली बंद होने से पानी सड़क पर जमा हो रहा है, जिससे बीमारी और संक्रमण फैलने की आशंका है। जब संतोष व्यास की दूसरी छत डालने का काम चल रहा था, तब एसडीएम ने 16 दिसंबर को स्टे लगाया, जो 18 दिसंबर तक प्रभावी था। इस आदेश में नाली पर निर्माण कार्य से रोक लगाई गई थी। मामले में संतोष व्यास ने दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष भी रखा था। मकान निर्माण पर रोक का कोई आदेश नहीं
भतीजे का कहना है कि खास बात यह है कि मकान निर्माण पर किसी भी कोर्ट द्वारा कोई रोक का आदेश नहीं दिया गया था। इसके बावजूद तहसीलदार अरविंद दिवाकर ने नगर परिषद सतवास के सीएमओ से मिलीभगत कर मकान का काम रुकवाने की कार्रवाई की। बिना किसी सूचना या नोटिस के दो जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने के नाम पर टीम के साथ मकान तोड़ने पहुंच गए। तहसीलदार ने कहा- लगा लो आग, फर्क नहीं पड़ता
संतोष व्यास के भतीजे शोभित ने बताया कि 24 दिसंबर को मौके पर संतोष व्यास ने तहसीलदार से कहा कि उन्हें किसी तरह की सूचना या नोटिस नहीं मिला है कि कहां और किसका अतिक्रमण है। उन्होंने हाथ जोड़कर निवेदन किया कि मकान उनकी पूरी पूंजी है और इसे न तोड़ा जाए। इस पर तहसीलदार ने कहा कि आज चाहे मुझे फांसी क्यों न लगा दे, मैं तोड़कर जाऊंगा। एसडीएम बोले थे- सहायता नहीं कर पाएंगे
घटना से पहले संतोष व्यास ने एसडीएम कन्नौद को कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर आवेदन दिया था। एसडीएम ने आवेदन लेकर उसकी रिसिप्ट दे दी थी, लेकिन यह भी कहा था कि वे कार्रवाई रोकने में सहायता नहीं कर पाएंगे। यह खबरें भी पढ़ें… 1. सतवास में पेट्रोल की बोतल फेंकने वाली महिला तनाव में देवास के दंपती संतोष और जयश्री व्यास के आत्मदाह मामले में नया मोड़ आ गया है। घटना से जुड़ा एक और वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल, जयश्री व्यास की हालत गंभीर बनी हुई है और इंदौर में उनका इलाज चल रहा है। पढ़ें पूरी खबर… 2. नया VIDEO…दूसरी महिला के हाथ में पेट्रोल, जिंदा जले पति-पत्नी देवास जिले के सतवास कस्बे में एक दंपती के कथित तौर पर आग लगाने के मामले में एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दंपती तहसीलदार से बहस करने के साथ माचिस जलाने की कोशिश कर रहे हैं। तभी एक महिला उन पर बोतल में रखा पदार्थ फेंकती है और अचानक आग लग जाती है। पढ़ें पूरी खबर…

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