भास्कर न्यूज | जालंधर आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। महिलाओं को उचित सम्मान देने और उनके लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से हर साल आठ मार्च को इसे मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने औपचारिक रूप से 1975 में इस दिन की घोषणा की, जिसे बाद में महिलाओं के अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देने के लिए 8 मार्च 1977 को अपनाया गया। आज इस मौके पर मिलिए शहर की दो महिलाओं से, जिनमें एक भारत की एकमात्र राष्ट्रीय सोलो बाइक राइडर हैं तो दूसरी लड़कियों को होम पेशेंट केयर की ट्रेनिंग दे, उन्हें आत्मनिर्भर बना रहीं हैं। भारत की एकमात्र राष्ट्रीय सोलो बाइक राइडर अंबिका सोनिया ने 8000 किलोमीटर की कश्मीर से कन्याकुमारी और कन्याकुमारी से कश्मीर तक रोमांचक यात्रा कर इंडिया बुक अॉफ रिकॉर्ड और एशिया बुक अॉफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया है। भारत के आजादी का अमृत महोत्सव राइड में भी पंजाब से अकेली महिला राइडर के रूप में उन्होंने भाग लिया। यह यात्रा दिल्ली से शुरू कर भारत के सभी राज्यों से होती हुई 75 दिनों में दिल्ली में समाप्त हुई। बुलेट पर सवार रहने वाली अंबिका सोनिया एक उदाहरण हैं। कहती हैं कि समाज में महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर जीने का हक है। वे अपने बैंक मैनेजर पति भगवान कुमार और अपने बेटे दिपिन छिब्बर के सहयोग से जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय ट्रिप को पूरा करने के लिए मन में स्वप्न संजोय तैयारी में जुटी हैं। वहीं दूसरी महिला हैं- अमृत केयर गिवर संस्था की फाउंडर डॉ. रुचि सिंह गौड़। जो गांव में जाकर बेटियों को घर में मरीजों की देखभाल करने के लिए सक्षम बना रहीं हैं। होम पेशेंट केयर की दो महीने की निशुल्क ट्रेनिंग में बेटियों को घर में मरीजों की देखभाल करने, उन्हें फर्स्ट एड देने, डाइट देने उनकी फिजियोथैरेपी करने और प्राथमिक उपचार करने आदि की ट्रेनिंग दे रहीं हैं। डॉ. रुचि कहती हैं कि अब तक 100 से अधिक बेटियों को ट्रेनिंग देकर उन्हें अपनी आजीविका चलाने के लिए सक्षम बनाया है।


