हाईकोर्ट के सख्ती के बाद रांची नगर निगम शहर के तमाम बाजार, व्यस्त सड़कों एवं बस स्टैंडों से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। दिसंबर महीने में कई जगहों पर अतिक्रमण हटाया गया, उनके सामान तक जब्त किए गए। दोबारा फिर से अतिक्रमण कर अस्थाई दुकान नहीं लगाने की भी हिदायत दी गई थी। लेकिन अभी एक महीना भी नहीं बीता कि हटाए गए स्थानों पर फिर से दुकानें सजनी शुरू हो गईं। अब सवाल यह उठता है कि रांची नगर निगम फिर से दुकानें लगने ही क्यों दे रहा है। इस संबंध में जब दुकानदारों से पूछा गया तो नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि हमलोगों ने संडे के संडे दुकान लगाने की छूट मांगी है, कुछ दिनों के लिए। जबकि अन्य दिनों में भी सुबह और शाम को पहले की तरह दुकानें लग रही हैं। जनता के सहयोग से ही खत्म होगा अतिक्रमण इधर, हिंदपीढ़ी में सामुदायिक भवन अतिक्रमण मुक्त इधर, रांची नगर नगर निगम के वार्ड संख्या-22, गद्दी मोहल्ला, हिंदपीढ़ी क्षेत्र में निगम की 21 िडसमिल भूमि पर निर्मित एक सरकारी सामुदायिक भवन पर वर्षों से कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए निजी लाभ के लिए अवैध उपयोग किया जा रहा था। इसको लेकर सोमवार को प्रशासक सुशांत गौरव के नेतृत्व में अभियान चलाकर उसे कब्जा से मुक्त कराया गया। बीते वर्षों में यहां शादियों एवं निजी कार्यक्रमों के आयोजन के नाम पर नागरिकों से अनधिकृत वसूली की जा रही थी, जिससे सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग हो रहा था। अतिक्रमण मुक्त होने के बाद अलबर्ट एक्का चौक पर पूर्व दिशा की ओर पहले से नगर निगम द्वारा दुकानें एलॉट की गई हैं, जहां पर दुकानें लगानी है। मगर दुकान के बाहर भारी संख्या में ठेला- खोमचे लग रहे हैं। 16 दिसंबर को रांची नगर निगम ने ऐसी सभी दुकानों को हटा दिया था। एरिया थोड़ा जाम मुक्त हुआ था। मगर एक महीने भी नहीं हुए कि जो दुकान जहां लगती थीं, फिर से वहीं सजनी शुरू हो गईं। दृश्य दो : अबलर्ट एक्का चौक रांची नगर निगम द्वारा सब्जी एवं नॉन भेज बिक्री के लिए दुकानें बनाकर वर्षों पूर्व एलॉट की गई हैं। लेकिन यहां सड़क पर दुकानें लगती हैं। नगर निगम ने 24 दिसंबर को अभियान चलाकर सड़क को अतिक्रमण मुक्त किया था। अस्थाई दुकानों को हटा दिया था। मगर एक महीना भी नहीं बीता, यहां फिर से दुकानें सज गईं।


