मनोहरपुर| प्रखंड में कई आंगनबाड़ी केंद्र मनमानी तरीके से चलाए जा रहे हैं। दरअसल विभाग के द्वारा गर्मी के दिनों में सुबह 7 बजे केंद्र खोलने के निर्देश दिए गए हैं। परंतु शनिवार की सुबह कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों का जायजा लिया गया तो पता चला कि ये केंद्र समय पर नहीं खुले थे। दैनिक भास्कर संवाददाता ने प्रखंड के उंधन, तिरला के अलावा पावर सबस्टेशन के बगल और कोयना नदी के बगल अवस्थित बने आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा लिया। इसके तहत पाया कि उंधन का केंद्र सुबह 7: 35, तिरला का केंद्र 7: 40, सबस्टेशन के बगल का केंद्र 7: 55 और कोयना नदी के ठीक बगल का केंद्र सुबह 8 बजे तक नहीं खुले थे। वहीं नंदपुर और डोंगाकाटा का केंद्र खुला पाया गया। यहां बताया गया कि शनिवार को आहार में खिचड़ी, अंडा और हलवा दिया जाना है। वहीं नंदपुर के केंद्र में सुबह 8:16 बजे तक एक भी बच्चा नहीं पहुंचा था और सेविका असीमा बूढ़ बच्चों का इंतजार करती पाई गई। इधर इसे लेकर बाल विकास परियोजना कार्यालय जाकर सीडीपीओ से विभागीय पक्ष लेने का प्रयास किया गया, परंतु फील्ड में रहने से मुलाकात नहीं हो सकी। पदाधिकारियों संग आंगनबाड़ी समेत कई योजनाओं की समीक्षा बैठक करते डीडीसी। भास्कर न्यूज। चाईबासा जिला परिषद कार्यालय सभागार में उप विकास आयुक्त संदीप कुमार मीणा की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण कार्यालय से संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा हेतु बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता- पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, भवन प्रमंडल, विद्युत विभाग सहित सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका व अन्य शामिल थे। इस मौके पर डीडीसी ने जिले के 1430 आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन की स्थिति, पेयजल व शौचालय की व्यवस्था, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं का आयुष्मान कार्ड और सेविका-सहायिका के रिक्त पद से संबंधित प्रतिवेदन का बिंदुवार अवलोकन किया गया। डीडीसी ने आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन अगले एक सप्ताह में करते हुए केंद्र का संचालन प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा जहां अभी तक आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु जमीन का चिह्नीकरण नहीं किया गया है, वहां जमीन को चिह्नित कर रिपोर्ट करने को कहा है। बैठक के दौरान 589 आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था एवं 404 केंद्रों में शौचालय निर्माण की समीक्षा की गई। समीक्षात्मक बैठक में आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका का आयुष्मान कार्ड बनाने की दिशा में तेजी लाने, सेविकाओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पद के विरुद्ध प्रस्ताव देने को कहा गया है।


