बीकानेर के स्वामी केशवानन्द कृषि विश्वविद्यालय को चार महीने बाद नया कुलगुरु मिल गया है। राज्यपाल ने नए कुलगुरु के रूप में डॉ. राजेंद्र बाबू को नियुक्ति दी है। इससे पहले कुलगुरु अरुण कुमार को शिकायतों के चलते 26 अगस्त को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया था। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अनुशंसा पर युनिवर्सिटी के कुलाधिपति एवं राज्यपाल हरि भाऊ बागड़े ने डॉ राजेंद्र बाबू दुबे को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर का नया कुल गुरु नियुक्त किया है। डॉ दुबे राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता की पद से सेवानिवृत हुए हैं। डॉ दुबे महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कई उच्च पदों पर अपनी सेवा दे चुके हैं। मक्का वैज्ञानिक के रूप में विश्व स्तर पर पहचान रखने वाले डॉ. दुबे ने मक्का एवं औषधीय पौधों की 15 से अधिक किस्मों का विकास किया है। 250 से अधिक शोध पत्र एवं आलेख राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित करा चुके हैं। डॉ दुबे वर्तमान में स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर की प्रबंध मंडल के सदस्य एवं प्रोफेसर्स की सिलेक्शन कमेटी के सदस्य हैं। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर में सिलेक्शन कमेटी के लिए राज्यपाल के सदस्य रूप में काम कर चुके हैं। श्रीकरण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर में प्रबंध मंडल की सदस्य एवं सिलेक्शन कमेटी के सदस्य रह चुके हैं। श्री दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर में कुलपति चयन समिति की सदस्य रह चुके हैं। डॉ दुबे कई विश्वविद्यालय की में प्राध्यापकों की चयन समिति की सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं। अनुसंधान के लिए अपने कई देशों की यात्राएं की है। इससे पहले राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने वित्तीय अनियमितताओं और शक्तियों के दुरुपयोग के आरोपों के बाद डॉ. अरुण कुमार को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर और कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलपति पद से 26 अगस्त 2025 को तत्काल प्रभाव से हटा दिया था। जिसमें जोधपुर संभागीय आयुक्त की जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए थे। पिछले चार महीने से बीकानेर के संभागीय आयुक्त ही कुलगुरु का काम देख रहे थे।


