नई दिल्ली में एचईसी को लेकर हुई संसदीय समिति की बैठक का असर दिख रहा है। सरकार से बैंक गारंटी मिलने की संभावना तेज हो गई है। एचईसी की तरफ से भेजे गए 500 करोड़ रुपए के बैंक गारंटी वाले प्रस्ताव को डिपार्टमेंट ऑफ हैवी इंडस्ट्री ने फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेज दिया है। फाइल वित्त मंत्रालय पहुंच गई है और जल्द ही उसपर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। एचईसी श्रमिक संघ के अध्यक्ष सन्नी सिंह ने यह जानकारी दी। हटिया प्रोजेक्ट यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने बताया कि एचईसी प्रबंधन की ओर से भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं। एचईसी प्रबंधन बैंकों को कम दर पर लोन देने के लिए पत्र भी लिख रहा है। प्रबंधन ऑफिस में भी काम काफी तेजी से चल रहा है। कच्चे माल के लिए बिलिंग के काम में तेजी लाई गई है। एडवांस में मशीन चलाने के प्रोडक्ट मंगाए जा रहे हैं। कामगारों को भी वेतन शीघ्र देने की व्यवस्था की जा रही है। एचईसी के तीनों प्लांट में उत्पादन काम में तेजी आई है। कामगार एचईसी के रिवाइवल को लेकर आश्वस्त हैं और वे पूरी तत्परता के साथ अपने काम में जुटे हैं। कई सप्लाईकर्मी जो आंदोलनरत थे, वे वापस काम पर आने लगे हैं। सप्लाई कर्मियों को नियम और शर्तों की दी जानकारी
एचइसी प्रबंधन ने सप्लाई कर्मियों को जारी पत्र में कहा कि वेतन दर पूर्व की भांति जो एएफटीई में थी वही होगी, संविदा अवधि में देय छुट्टी 8 दिन होगी। बोनस का भुगतान नियमत: होगा, पीएफ पूर्व की तरह होगा। एचईसी में सप्लाई मजदूरों का आंदोलन गुरुवार को 17वें दिन भी जारी रहा। आजसू के मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत और झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर भी गुरुवार को एचइसी मुख्यालय पर प्रदर्शन में शामिल हुए। दोनों ने कामगारों की मांगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया और एचइसी प्रबंधन को चेतावनी दी कि 17 दिनों से जारी एचइसी सप्लाई मजदूर संघर्ष समिति के आंदोलन का उचित समाधान किया जाए, नहीं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। भगत ने कहा कि एचइसी प्रबंधन ने 1400 ठेका मजदूरों को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से रखने का निर्णय लिया है, जिसका मजदूर विरोध कर रहे हैं। प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि ठेका मजदूरों का हक छीनने नहीं दिया जाएगा।


