कामगारों ने मुख्यालय के पास पहुंचकर प्रबंधन के खिलाफ किया प्रदर्शन एचईसी सप्लाई कर्मी संघर्ष समिति के बैनर तले एचईसी सप्लाई कामगारों का आउटसोर्सिंग के खिलाफ आंदोलन मंगलवार को 43वें दिन भी जारी रहा। नेहरू पार्क से सप्लाई कामगार जुलूस के रूप में मुख्यालय के पास पहुंचे और यहां प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। सभी सप्लाई कर्मियों ने कहा कि 14 अगस्त को अपनी मांगों के समर्थन में वे भूख हड़ताल करेंगे और 15 अगस्त को मुख्यालय के समक्ष झंडोत्तोलन किया जाएगा। वहीं 16 अगस्त को मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। कमियों ने कहा कि जबतक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं हम आंदोलन जारी रखेंगे। उल्लेखनीय है कि एचईसी के सप्लाई कामगार आउटसोर्सिंग का लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रबंधन उनकी मांगों पर जल्द निर्णय ले, नहीं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। एचईसी में बार-बार हड़ताल से उद्योग बंद होने का खतरा : यूनियन रांची|हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री सह इंटक के राष्ट्रीय संगठन सचिव लीलाधर सिंह ने कहा कि बार-बार की हड़ताल और औद्योगिक अशांति से एचईसी जैसे ऐतिहासिक उद्योग के बंद होने का खतरा है, जिसके लिए हड़ताली नेतृत्व जिम्मेदार होगा। उन्होंने हड़ताल के दौरान कानून हाथ में न लेने, कामगारों को धमकाने से बचने और जो स्वेच्छा से काम पर जाना चाहें, उन्हें जाने देने की अपील की। सिंह ने कहा कि नीति आयोग ने 2019 में ही एचईसी बंद करने की सिफारिश कर दी थी, लेकिन पूर्व केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और दिवंगत मजदूर नेता राणा संग्राम सिंह के प्रयासों से यह अब तक चालू है। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग बंद हुआ तो आने वाली पीढ़ी इसे माफ नहीं करेगी और बंद कारखानों की जमीन कभी मालिक को वापस नहीं मिलती। उन्होंने मौजूदा प्रबंधन की सराहना की, जो बिना केंद्र, राज्य और एसबीआई की मदद के भी वेतन भुगतान कर रहा है। सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्हें एचईसी से कोई भत्ता नहीं मिलता, पर उनकी इच्छा है कि उद्योग चलता रहे, जिससे हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों की रोजी-रोटी सुरक्षित रहे। स्वतंत्रता दिवस पर यूनियन कार्यालय में सुबह 11 बजे झंडोत्तोलन होगा और इस मौके पर कामगारों की समस्याओं के समाधान पर चर्चा होगी। बैठक की अध्यक्षता राजेंद्र कान्त महतो ने की। इस दौरान गिरीश कुमार चौहान, दिलीप कुमार सिंह, खुर्शीद आलम समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


