भास्कर न्यूज | जालंधर नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच की कार्यशैली से अधिकारी भी परेशान हैं। बुधवार को निगम में बिल्डिंग एडहॉक कमेटी की तीसरी मीटिंग हुई। इस मौैके पर कमेटी ने बिल्डिंग ब्रांच से तीसरी बार 15 कॉमर्शियल इमारतों का रिकॉर्ड तलब किया, जो नहीं दिया। मौैके पर मेयर वनीत धीर ने भी नाराजगी जाहिर की। मौके पर कमेटी ने अधिकारियों को सख्ती से कहा कि एक हफ्ते में 15 इमारतें का रिकॉर्ड नहीं मिला, तो सरकार को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। बिल्डिंग एडहॉक कमेटी के चेयरमैन के पास 15 अवैध कॉमर्शियल इमारतें की शिकायत आईं थीं। इस पर कमेटी ने पहली मीटिंग चार मई को अवैध इमारतों की रिपोर्ट तलब की थी। इसमें जांच करनी थी कि इमारतें का नक्शा, सीएलयू, एनओसी आदि मानकों को देखना था। इसकी जांच के बाद इमारतों पर कार्रवाई होनी थी। बुधवार को निगम में शाम में चार बजे बिल्डिंग एडहॉक कमेटी के चेयरमैन अश्वनी अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ मीटिंग की। ब्रांच के अधिकारियों का तर्क था कि विजिलेंस जांच होने से काम पेंडिंग हो गया है, और बुधवार तक रिपोर्ट दे दी जाएगी। इस दौरान कमेटी के चेयरमैन अश्वनी अग्रवाल ने कहा कि बिल्डिंग ब्रांच ने एक हफ्ते में 15 इमारतें की रिपोर्ट नहीं दी, तो सरकार को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। नगर निगम में बिल्डिंग एडहॉक कमेटी की बैठक में बैठे मेयर वनीत धीर व कमेटी मैंबर।


