एडहॉक विवाद के बीच कन्वीनर कुमावत बने सहारा:अपने खर्चे पर 48 घंटे से फंसी अंडर-23 महिला टीम को नागपुर से ला रहे जयपुर

राजस्थान की महिला खिलाड़ियों का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। एडहॉक कमेटी सदस्यों के बीच जारी सियासी विवाद के बीच कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने एक बार फिर अंडर – 23 विमेंस टीम को जयपुर लाने का फैसला किया है। जिसके लिए कुमावत ने अपने खर्चे पर राजस्थान अंडर – 23 विमेंस टीम के टिकट्स बुक कराई है। अब 48 घंटों के इंतजार के बाद विमेंस टीम नागपुर से जयपुर के लिए रवाना हो चुकी है। दरअसल, राजस्थान अंडर – 23 विमेंस टीम जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए नागपुर गई थी। टीम सोमवार को हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। जिसे मंगलवार को जयपुर आना था। लेकिन राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के बिगड़े वित्तीय हालत के बाद RCA के पास विमेंस टीम के लिए फ्लाइट टिकट बुक कराने तक की व्यवस्था नहीं है। जिसकी वजह से विमेंस टीम के खिलाड़ी पिछले 48 घंटों से नागपुर में ही परेशान हो रहे थे। लेकिन बुधवार को एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने अपने खर्चे पर महिला टीम के लिए नागपुर से फ्लाइट की व्यवस्था की। खिलाड़ियों को नागपुर से फ्लाइट के माध्यम से दिल्ली और दिल्ली से जयपुर लाया जा रहा है। फिलहाल टीम दिल्ली पहुंच गई है, जहां से अब से कुछ भी देर में टीम के खिलाड़ी जयपुर के लिए रवाना होंगे। एडहॉक कमेटी कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने कहा कि राजस्थान की बेटियां हमारी शान है। उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं आए, यह मेरी जिम्मेदारी थी। इसी सोच के साथ मैं काम किया है। बता दें कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन एडहॉक कमेटी के चार सदस्य धनंजय सिंह खींवसर, आशीष तिवाड़ी, पिंकेश जैन और मोहित यादव ने कन्वीनर दीनदयाल कुमावत के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत कर मोर्चा खोल दिया था। इन सदस्यों ने कुमावत पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए बैंक में पत्र भेजकर उनके हस्ताक्षर अमान्य घोषित करने और भुगतान की शक्ति चार सदस्यों में से किसी भी दो को देने की मांग की। जबकि पहले के नियमों के अनुसार RCA के खाते से भुगतान के लिए कन्वीनर समेत किसी भी दो अधिकृत सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक थे। इसमें दीनदयाल कुमावत के साथ पिंकेश जैन और आशीष तिवाड़ी को हस्ताक्षरकर्ता बनाया गया था। इसके बाद कन्वीनर कुमावत ने भी बैंक को पत्र भेजकर कहा कि उनके हस्ताक्षर के बिना भुगतान मान्य नहीं है। दोनों पक्षों के इन परस्पर विरोधी पत्रों के बाद बैंक ने विवाद सुलझने तक भुगतान रोक दिया। जिसके चलते RCA की वित्तीय स्थिति तेजी से खराब हो रही है। हालत इतने बिगड़ गए हैं कि RCA स्टॉफ को दो महीने से सैलरी नहीं मिली। जबकि पिछले महीने राजस्थान अंडर 23 विमेंस टीम को उत्तराखंड में होटल का पेमेंट नहीं होने पर रोक दिया गया था। इसके बाद कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने कर्मचारियों की सैलरी के साथ ही विमेंस टीम के होटल बिल को साइन किया था। लेकिन बीते दिनों RCA में हुई वित्तीय अनियमिताओं के बाद कुमावत ने चेक साइन करना बंद कर दिया था। जिसकी वजह से खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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