राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को जाली नोटों के सरगना साहिबगंज के शौकत की तलाश है। 16 साल बाद भी वह गिरफ्त से बाहर है। एनआईए की विशेष अदालत ने उसे फरार घोषित कर दिया है। शौकत साहिबगंज के पियारपुर स्थित निमायटोला का रहने वाला है। एनआईए ने आम लोगों से अपील की है जो भी शौकत की जानकारी देगा उसे 25 हजार रुपए इनाम दिया जाएगा। एटीएस मुंबई को 14 मई 2009 को सूचना मिली थी कि रवि धीरेन घोष उर्फ जाधव और नुरुद्दीन इस्लाम नकली नोट मोहम्मद समद व मोहम्मद आइजुल शेख को देने वाले हैं। एटीएस मुंबई ने जाल बिछाया और चारों को पकड़ा था। जाली नोट उच्च गुणवत्ता वाले थे। उनकी निशानदेही पर पांचवां आरोपी असरुद्दीन शेख को पकड़ा गया था। उनके पास से 14,500 रु. बरामद हुए थे। इनमें 1000 के दो व 500 रुपए के 25 जाली नोट थे। गिरफ्तार जालसाजों ने एटीएस को बताया था कि जाली नोट साहिबगंज के शौकत ने दिए थे। बाद में अन्य सहयोगी भी पकड़े गए थे।


