एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित:जशपुर में 865 कर्मचारियों ने दस मांगों को लेकर काम रोका, अस्पतालों में इलाज की स्थिति बिगड़ी

छत्तीसगढ़ के जशपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी रणजीता स्टेडियम चौक पर धरना दे रहे हैं। मूसलाधार बारिश के बावजूद वे अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न बघेल ने मांगों का ब्योरा दिया। इनमें नियमितिकरण एवं संविलियन, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना और ग्रेड पे निर्धारण शामिल हैं। साथ ही 27 प्रतिशत वेतनवृद्धि, कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता और विभागीय सीधी भर्ती में आरक्षण की मांग है। अनुकंपा नियुक्ति, स्थानांतरण नीति और दस लाख तक का कैशलैस चिकित्सा बीमा भी मांगों में शामिल है। राजनीतिक दलों पर वादाखिलाफी का आरोप डॉ. धीरेन्द्र अग्रवाल ने राजनीतिक दलों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। डॉ. प्रीति वैष्णव ने नियमित और एनएचएम कर्मचारियों के बीच भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मियों को बीमारी में भी अवैतनिक अवकाश लेना पड़ता है। जिले में कुल 865 एनएचएम कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें चिकित्सक, नर्स, थेरेपिस्ट, कार्यालयीन स्टाफ और डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं। हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग की कार्यालयीन व्यवस्था ठप हो गई है। अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि वे अब सरकार के आश्वासन से पीछे नहीं हटेंगे। जब तक उनकी सभी मांगों पर अमल नहीं होता, हड़ताल अनवरत जारी रहेगी।

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