एनएच किनारे भी नियमों को दरकिनार कर अवैध खनन

भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जिले में अवैध रेत खनन पर रोक लगाने में माइनिंग विभाग नाकाम,हौसले बुलंद नेशनल हाइवे के किनारे नदियों में चैन माउंटेन उतार कर 24 घंटे अवैध रेत निकाली जा रही है। खनिज विभाग से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों ने बताया शिकयत पर टीम गई थी पर मौके पर कुछ नही मिला,दंतेवाड़ा में रेत का कारोबार चौतरफा चल रहा है। पर इसको रोकने में विभाग नाकाम साबित हो रहा है। बालूद, सुरोखी, समलूर, भैरमबंद के बाद अब तस्करों ने नया ठिकाना नेशनल हाइवे 63 के किनारे बांगापाल में दंतेवाड़ा से आने वाली शंखिनी-डंकिनी नदी से रोज रेत की अवैध ट्रांसपोर्टिंग की जा रही है। यहां चैन माउंटेन नदी में उतारकर रेत निकाली जा रही है, हाइवा ट्रक 24 घंटे यहां रेत भरते हुए देखी जा सकती है, पर माइनिंग विभाग के अधिकारी की इन पर नजर नहीं पड़ रही है जो संदेहास्पद है। बांगापाल से रोज बीजापुर जिले और दंतेवाड़ा लाई जा रही रेत बांगाबाल से रोज बिना किसी पिटपास 50 से ज्यादा हाइवा से रेत की ट्रांसपोर्टिंग की जा रही है,शासन को रोज लाखों की रायल्टी का नुकसान उठाना पड़ रहा है, पर इसको रोकने कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, चैन माउंटेन नदी में उतारकर अमानक तरीके से रेत का खनन किया जा रहा है। रेत खनन करने वाले पुल के नजदीक ही खनन कर रहे हैं जिससे पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है, ब्रिज (पुल) के पास खनन के लिए 100 मीटर से 500 मीटर तक की दूरी तय की जाती है, जहां सुप्रीम कोर्ट ने 100 मीटर का दायरा तय किया है, वहीं कुछ राज्यों में यह 300-500 मीटर या उससे अधिक हो सकता है, ताकि पुल की नींव सुरक्षित रहे और भूजल प्रभावित न हो। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, पुलों के 100 मीटर के दायरे को छोड़कर खनन की अनुमति है, जिससे पुलों को अस्थिर होने से बचाया जा सके। कुछ नए नियमों के तहत, दो पिलर वाले पुलों के लिए 500 मीटर और अन्य पुलों के लिए 300 मीटर का क्षेत्र प्रतिबंधित है, जिसमें वन और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी होती है, पर दंतेवाड़ा में पुल से 50 मीटर में रेत का खनन हो रहा है। मशीन से खनन प्रतिबंधित होगी कार्रवाई: सिंह जिला खनिज अधिकारी योगेश सिंह ने कहा बांगापाल में खदान स्वीकृत है पर मशीनों से खनन प्रतिबंधित हैं, जल्द कार्रवाई होगी।

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