भास्कर न्यूज | कवर्धा स्कूलों व शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के खिलाफ एनएसयूआई ने सोमवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इसे शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला बताया। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष शितेष चंद्रवंशी ने कहा कि भाजपा सरकार ने युक्तियुक्तकरण के नाम पर छत्तीसगढ़ में 10463 स्कूल और कबीरधाम जिले में 375 स्कूल बंद करने की नीति अपनाई है। यह फैसला गरीब, ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। एनएसयूआई ने सवाल उठाया कि जब स्कूल ही नहीं रहेंगे तो मोदी की गारंटी में किए गए 57000 शिक्षकों की भर्ती का क्या होगा। संगठन ने मांग की कि सरकार इस भर्ती प्रक्रिया को तुरंत शुरू करें। अगर सरकार अपने वादे से पीछे हटती है तो यह युवाओं के साथ धोखा होगा। एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि अगर युक्तियुक्तकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में युवा कांग्रेस जिला महासचिव राहुल सिन्हा, अमन वर्मा, प्रवीण वर्मा, एनएसयूआई शहर अध्यक्ष मेहुल सत्यवंशी, पिपरिया अध्यक्ष ऋषभ वैष्णव, बोड़ला अध्यक्ष जलेश यादव, तुकेश कौशिक, परमा वर्मा, शिवेंद्र वर्मा आदि शामिल रहे। भाजपा सरकार की दोहरी नीति पर उठाया गया सवाल एनएसयूआई ने सरकार की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाए। एक तरफ 67 नई शराब दुकानें खोली जा रही हैं। 28 और 29 मार्च 2025 को नए आबकारी नियमों के तहत शादी, फार्म हाउस, इवेंट, संगीत, नृत्य, नववर्ष समारोह और क्रिकेट मैचों में शराब परोसने के लिए प्रतिदिन लाइसेंस देने की तैयारी है। दूसरी तरफ स्कूल बंद किए जा रहे हैं। इससे साफ है कि सरकार युवाओं को शिक्षा और रोजगार नहीं, नशे की ओर धकेल रही है।


